UPSC का रिजल्ट ज़ारी,इस बार इतने मुस्लिमो ने मारी बाज़ी,देखे लिस्ट

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संघ लोक सेवा आयोग ने केंद्रीय सेवाओं समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा,भारतीय विदेश सेवा,भारतीय पुलिस सेवा के चयन के लिए हुई सिविल सेवा परीक्षा 2018 के फाइनल नतीजे शुक्रवार को घोषित कर दिए गए हैं.इस परीक्षा में कनिष्क कटारिया ने टॉप किया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि परीक्षा परिणामों के आधार पर सफल उम्मीदवारों का आईएएस,आईएफएस,आईपीएस और कई केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप-ए और ग्रुप-बी) के लिए चयन किया गया है.

वहीं ज़कात फाउंडेशन के सहयोग से यूपीएससी की तैयारी करने वाले जुनैद अहमद ने आल इंडिया में तीसरी रैंक पाई है, इस बार कुल 28 मुस्लिमों ने अपनी कामयाबी का परचम लहराया है.देखें पूरी लिस्ट….

जुनैद अहमद,मुहम्मद अब्दुल शहीद,गौहर हसन,अम्बुल सुमिया,शफ़क़त अमना,रहना बशीर,शैख़ मुहम्मद जेब जाकिर,सय्यद रियाज़ा अहमद,बुशरा बनो,
मुहम्मद जावेद हुसैन,मिर्ज़ा कादिर बेग,बाबर अली,मुहम्मद सज्जाद पी,शहजाद आलम,फ़राश टी,मुहम्मद अब्दुल जलील,मुहम्मद हाशिम,शहीद अहमद,
मोहम्मद सरफ़राज़ आलम,ऐमन जमाल,अर्शी आदिल,अंसारी ज़ैद अहमन, सईद अहमद,अली अबुबकर टीटी,फैसल खान,बाशा मोहम्मद बी,मुहम्मद तौसिफुल्लाह,मुहम्मद मुस्तफा एजाज़ और मुहम्मद शहीद रजा खान

कामयाबी के बाद जुनैद ने ये कहा…उन्होंने कहाकि कॉलेज से निकलकर सेाचा कि अगर समाज को कुछ देना हो तो आइएएस से बेहतर कुछ नहीं होता.जब घरवालों को बताया उन्हें इकबारगी यकीन नहीं हुआ.उन्होंने कहा कि इरादा तो बहुत अच्छा है लेकिन तुम पढ़ते नहीं हो लेकिन मैंने उसके बाद खुद को पढ़ाई में ही झोंक दिया.वर्ष 2013 से तैयारी शुरू की तो घरवाले भी मेरी लगन देखकर मेरा सहयोग करने लगे.पिछले चार साल से तैयारी कर रहा हूं.बीते साल 2018 में मेरा आईआरएस में चयन हो गया था.27 साल के जुनैद कहते हैं कि मैं खानदान में पहला आईएएस बना हूं.मेरे पिता जावेद हुसैन जो पेशे से वकील हैं और मां आयश रजा आज मेरी कामयाबी का जश्न मना रहे हैं.

उन्होंने कहाकि मैं उन्हें देखकर बहुत खुश हूं,लग रहा है कि मेरा ख्वाब पूरा हो गया है.मेरी दो बहनें एक बड़ी महविश की शादी हो गई है और छोटी बहन हादिया प्राइवेट जॉब कर रही हैं.देानों ही बहनें मुझ पर गर्व कर रही हैं.छोटा भाई अरहान 12वीं में है,वो भी नगीना में पढ़ता है.

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