सड़क पर तड़प रही इस लड़की की ड्राईवर ने टैक्सी बेचकर इलाज़ कराया,अब लड़की ने ऐसे चुकाया एहसान

0
2751
FI-लड़की और टैक्सी ड्राईवर

आज के समय में इन्सान इतना व्यस्त है कि किसी के लिए कुछ मिनट लोग नही निकालते है लेकिन बहुत से लोग ऐसे है जो समाज सेवा में अपना सब कुछ लगा देते है.आज हम ऐसी ही एक घटना बताने जा रहे है जिसमें आप जा-न सकते है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है.एक टैक्सी ड्राईवर ने एक ऐसा ही कारनामा किया है जिसकी सब ज़गह तारीफ हो रही है.

सोर्स- OMG-INDIAN

पर ज़रूरी नहीं की सभी लोग ऐसे ही हो कुछ लोग दयालु होते है,और लोगो की मदद भी करते है जिससे उनकी जान बच जाती है आज हम आपके लिए ऐसी ही एक कहानी लाये है.जो बताती है की इंसानियत आज भी ज़िंदा है।रोज़मर्रा की तरह सड़को पर ट्रैफिक शुरू हो चूका था और एक लड़की सड़क पर जा रही थी की अचानक उसका एक्सीडेंट हो गया,वो लड़की सडक पर पड़ी थी और लोग उसको देखने के बाद भी उसकी मदद नहीं कर रहे थे,सब देख कर आगे बढ़ गए.


एक टैक्सी वाले की नज़र जब उस लड़की पर पड़ी तो उससे देखा नहीं गया और वो लड़की की मदद के लिए तुरंत आया,लड़की को अपनी टैक्सी में डाला और हॉस्पिटल ले गया,इस टैक्सी ड्राइवर का नाम राजबीर था,जब डॉ ने देखा तो कहा की इसका फ़ौरन ओपरेशन करना पड़ेगा, जिसका खर्चा ढाई लाख रुप्पय आएगा.टैक्सी ड्राइवर की कुछ समझ नहीं आया की अब वो क्या करे,समय काम था तो टैक्सी ड्राइवर ने अपनी टैक्सी बेच कर उसका इलाज़ करवाया.

बता दे की टैक्सी ड्राइवर का घर उसके टैक्सी से ही चल रहा था,लड़की का ऑपरेशन हो गयाऔर उस लड़की को होश आ गया और वो अपने घर चली गयी,ये लड़की सहारनपुर की थी जिसकी जान टैक्सी ड्राइवर ने बचायी,और इसका नाम असीमा था धीरे धीरे लड़की पूरी तरह ठीक हो गयी.तो उसने उस ड्राइवर से मिलने का सोचा,और वो उसके घर पहुंच गयी.

वहा जाकर वो ड्राइवर से मिली,और लड़की ने डाइवर को बताया की मै पढ़ाई करती हु और अब वो पूरी होने वाली है,लड़की को गोल्ड मैडल से सम्मानित किया जाना था,लड़की ने कहा की आप मेरे समारोह में ज़रूर आना,ड्राइवर परेशान था,और उसके घर की हालत भी ठीक नहीं थी,क्यूंकि जो उसकी रोज़ीरोटी थी वो टैक्सी जा चुकी थी.फिर भी वो मना न कर सका.और आने के लिए है कह दी,कार्येक्रम वाले दिन राजबीर अपनी माँ के साथ यूनिवर्सिटी पंहुचा और जाकर पीछे बैठ गया.

कार्यक्रम शुरू हुआ राष्टपति जी ने सबसे पहले असीमा का नाम लिया,और गोल्ड मैडल के लिए बुलाया,असीमा मंच पर न जाने के बजाये सीधे अपनी मुंहबोले भाई राजबीर के पास गयी और कहा की इस मेडल का हक़दार मेरा भाई है,और अपने साथ हुए हादसे की बारे में बताया.ये घटना सुनकर वह जो लोग थे भावुक हो गए,आसमा ने अपने भाई को एक टैक्सी दिलवा दी,और वो उसके साथ ही रहने लगी.हमें भी राजबीर की तरह बनना चाहिए और किसी की मदद करने से पीछे ना हटे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here