सर्जिकल स्ट्राइक के बीच जज का सैनिको पर शर्मनाक बयान,अब होगी बड़ी कार्यवाई

0
969

हाल ही में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आ;तंकी ह’मले ने देश के हर नागरिक को अंदर तक झकझोर के रख दिया है।गौरतलब है कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए फि’दायीन ह’मले में 40 जवान शहीद हो चुके हैं।बताया जाता है कि जिस दौरान सीपीआरएफ के काफिले से वि’स्फोटक से भरी गाड़ी टकराई तो इसका ध’माका इतना तेज था कि आसपास के इलाकों में झटके महसूस किए गए।

इस आ’तंकी ह’मले के बाद सोशल मीडिया पर हिं’दूवादी संगठनों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है।जिसमें लोगों की देशभक्ति चेक की जा रही है। जो शख्स जितने बुरे शब्दों में पाकिस्तान की निं’दा कर रहा है।वह उतना ही बड़ा देशभक्त है और अगर किसी ने इस आ’तंकी ह’मले की निंदा नहीं की तो वह देश भक्त नहीं है।

इसी कड़ी में खबर सामने आ रही है कि राजस्थान के सिरोही के स्पेशल कोर्ट के जज राजेश नारायण ने पुलवामा ह’मले में शहीद हुए जवानों को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी है।खबर के मुताबिक इस घटना के बाद जिला अभिभाषण संघ की ओर से सिरोही के स्पेशल कोर्ट में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा बुलाई गई थी।जिस में शामिल होने से जज राजेश नारायण शर्मा ने इनकार कर दिया।

उन्होंने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे कई मरते रहते हैं,किस-किस क्या शौक मनाऊं?मेरा कोई शौक नहीं है,मैं नहीं आऊंगा।बताया जा रहा है कि जिला अभिभाषण संघ ने राज्य के मुख्य सचिव,उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और निरीक्षण न्यायाधिपति को पत्र लिख राजेश नारायण के ट्रांसफर और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।सोशल मीडिया पर भी लोगों द्वारा जज राजेश नारायण की इस टिप्पणी ने विवाद का रूप धारण कर लिया है।

लोग इस विवादित टिप्पणी के लिए जज राजेश नारायण शर्मा के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।लोगों का कहना है कि जहां शहीदों और उनके परिजनों के लिए देशवासियों के दिल में प्यार और सम्मान है।वही ऐसे लोग विवादित टिप्पणियां करके शहीद जवानों की कुर्बानी पर सवाल उठा रहे हैं जोकि श’र्मनाक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here