अमित शाह के फैसले के वज़ह से इस नेता का सियासी अं त ?

0
756

बिहार में भाज पा का जनता दल यूनाइटेड से गठबं धन हो गया है.भाज पा और जनता दल यूनाइटेड बराबर बराबर सी टो पर चुनाव ल’ड़ने जा रहे है लेकिन इस बीच एक खबर आ रही है जिसमे कहा गया है भाज पा चुकी इस बार सिर्फ 17 लोकसभा सीटो पर चुनाव ल’ड़ रही है इसलिए कई नेताओ को टि कट से महरूम होना पड़ रहा है.

सबसे बड़ी मुसी’त पार्टियों के लिए बि’हार में देखने को मिल रही है.40 लो’कसभा सी’टों वाले इस राज्य में दो बड़े गठबंध’न आमने सामने होंगे.एक भाजपा-जदयू-लोजेपा का गठबं’धन है तो दूसरी ओर इसको कड़ी टक्क’र देने के लिए है महागठ’बंधन.महाग’ठबंधन में कई पार्टियाँ हैं लेकिन ज़्यादातर सी’टों पर सहमती बन गई है वहीँ एक सीट ऐसी ज़रूर है जिस पर मामला अटक गया है.

ये सी’ट है कटिहार की.कटिहार लो’कसभा सी’ट पर तारिक़ अनवर चु’नाव जी’तते रहे हैं लेकिन पूर्व एनसीपी ने’ता ने अब पार्टी छोड़ दी है और कांग्रेस ज्वाइन कर ली है.कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद वो कटि’हार से कांग्रेस टिक’ट पर चु’नाव में उतरना चाहते हैं लेकिन मुश्किल ये है कि एनसीपी कह रही है कि तारिक़ अनवर भले ही कांग्रेस में चले गए हों,एनसीपी ने इस सी’ट पर दावा नहीं छोड़ा है.

एनसीपी और कांग्रेस की खींचतान पर भाजपा नेता मज़े ले रहे थे लेकिन अब जो ख़बर है ये उनके लिए ही संक’ट की बन गई है.ख़बर है कि भागलपुर के क़द्दावर ने’ता माने जाने वाले शाहनवाज़ हुसैन का टि’कट कट गया है.इसकी वजह ये है कि ये सी’ट जद’यू के खाते में चली गई है.

इस बात से शाहनवाज़ हुसैन खासे नाराज़ भी लग रहे हैं.परन्तु ऐसा नहीं है कि शाहनवाज़ अकेले ही इस पेंच में फंसे हैं.ख़बर है कि नवादा से सांसद भाजपा ने’ता गिरिराज सिंह को भी मनचाही सी’ट से टि’कट नहीं मिल रहा है.ऐसे में दोनों ही ने’ताओं के समर्थक नाराज़ हैं.जानकार मानते हैं कि शाहनवाज़ हुसैन का टिक’ट काटने के पीछे ये भी वजह है कि वो अडवाणी कैम्प के माने जाते हैं और इस चु’नाव में भाजपा नहीं चाहती कि अडवाणी कैम्प फिर से प्रभावी होने की कोशिश करे.

उल्लेखनीय है कि पिछले लो’कसभा चु’नाव में शाहनवाज़ हुसैन क़रीबी अंतर से हा’र गए थे.शाहनवाज़ को भाजपा का ऐसा ने’ता माना जाता है जिनकी मुस्लिम समाज में ठीक ठाक साख है और वोट भी मिलते हैं.वो उन चंद भाजपा ने’ताओं में से हैं जिनके पास अपने वोट भी हैं.गिरिराज सिंह की बात करें तो अक्सर वो विवादित बयानों में रहते हैं.

कभी वो मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की बात करते हैं तो कभी कुछ और लेकिन कुछ न कुछ उनकी ज़बान से आता रहता है जिस पर भाजपा के ने’ताओं को जवाब देना पड़ता हुई.बिहार के दोनों महागठबं’धन अपनी इस मुश्किल को कैसे सुलझाते हैं ये देखने की बात होगी.परन्तु जितनी जल्दी ये मुश्किल सुलझेगी उतना ही दोनों ग’ठबंधन के लिए अच्छा होगा.जिन जिन ने’ताओं के टिक’ट कन्फर्म हैं वो तो अब प्रचार अभियान में भी उतर चुके हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here