एग्जिट पोल पर संबित पात्रा के रुख से हैरान हुई पत्रकार,ऐसा अजीबो गरीब बयान दिया

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संबित पात्रा

लोकसभा 2019 के पहले कुछ राज्य में विधानसभा चुनाव हुए खोने के बाद से भारतीय जनता पार्टी के बेबाक प्रवक्ता संबित पात्रा के मिजाज बहुत बदले बदले से दिख रहे हैं।आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जहां वह भारतीय जनता पार्टी की तारीफों के पुल बांधते रहते हैं.अपनी पार्टी का पक्ष बहुत ही ज्यादा मजबूती तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं।वहीं अब उनके जवाब से ऐसा मालूम होता है कि वह कहीं ना कहीं कतराते हुए नजर आ रहे हैं।

संबित पात्रा एग्जिट पोल के नतीज़े के बाद रक्षात्मक हो गये.उन्होंने किसी प्रकार की आक्रामकता नही दिखाई दी.उन्होंने 11 दिसंबर तक नतीजों का इंतज़ार करने की बात कही.दरअसल राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग थमने के साथ ही पांच चुनावी राज्यों के एग्जिट पोल्स आ गए। मध्यप्रदेश के लिए अब तक 8 सर्वे सामने आए हैं।पांच में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिख रहा है।राजस्थान के 6 सर्वे में से 4 में कांग्रेस की सरकार बनने के आसार हैं।छत्तीसगढ़ के 8 सर्वे में भाजपा 4 और कांग्रेस 4 पर आगे है।एग्जिट पोल के नतीजे से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर खासा असर देखने को मिल रहे हैं।

संबित पत्रकार अपनी सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए पूरे दमखम से लोगों के सामने अपनी बात रखते थे वहीं अब ऐसी कोई बात नहीं रह गई है आपको बताते चले कि,मध्यप्रदेश में ज्यादातर एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।लेकिन आजतक-एक्सिस माय इंडिया के पोल में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।वहीं टाइम्स नाउ,भाजपा की सरकार चौथी बार बनती दिखा रहा है।दिलचस्प है कि जहां टाइम्स नाउ ने भाजपा को 126 सीट दी हैं,वहीं एबीपी-सीएसडीएस ने कांग्रेस को 126 सीट दी हैं।वही,राजस्थान में जारी रहेगा एक-एक बार राज का रिकॉर्ड राजस्थान में एक बार भाजपा और एक बार कांग्रेस का पिछले 25 सालों का रिकॉर्ड बरकरार रहता दिखाई दे रहा है।सभी एग्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत मिल रहा है सिवाय रिपब्लिक-जन की बात के।इस सर्वे में भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर दिखाई देती और स्पष्ट बहुमत किसी को भी नहीं।

अधिकतर न्यूज़ चैनलों के एग्जिट पोल पर कांग्रेस की बढ़त को देखते हुए संबित पात्रा की आवाज में काफी कमी नजर आई है।और वह पत्रकारों और जनता के जवाब पर बस एक ही बात कह रहे हैं कि हमें 11 दिसंबर का ही इंतजार है.हम सबको 11 दिसंबर के परिणाम का इंतजार करना चाहिए।हालांकि कहीं ना कहीं उनके बोलने के लहजे से यह मालूम होता दिख रहा है क्या उन्हें भी एग्जिट पोल के नतीजों पर भरोसा हो गया है और वह पार्टी के लिए असहज महसूस कर रहे है।

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