पूर्वांचल के बड़े मुस्लिम नेता को मायावती ने पार्टी से निकाला,बोली-किसी भी ऐरे गैरे

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मायावती

बीते लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के देवरिया ज़िले से प्रत्याशी रहे नियाज़ अहमद को पार्टी से निकाल दिया गया है,उन पर पार्टी विरोधी कार्यों में लिप्त होने का आरोप लगा है,उसके बाद तुरंत उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।नियाज़ अहमद को पार्टी से बाहर निकाले जाने की खबर देते हुये बसपा के मुख्य जोन इंचार्ज सुधीर कुमार भारती ने कहा है कि नियाज़ अहमद लगातार पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे.

वह दूसरे दलों के संपर्क में रह कर पार्टी को कमजोर कर रहे थे,उनकी शिकायत लगातार पार्टी को मिल रही थी,इसलिए उन्हें अब पार्टी से बाहर किया जा रहा है।आप को बता दें कि नियाज़ अहमद चाहते थे कि बीते लोकसभा चुनाव की तरह इस लोकसभा चुनाव में भी उन्हें देवरिया से टिकट दिया जाये, लेकिन बसपा ने देवरिया से विनोद जायसवाल को लोकसभा प्रभारी बना दिया है,अब वही इस छेत्र से लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार भी होंगे.

इस खबर के आने के बाद नियाज़ अहमद के समर्थकों ने जमकर बवाल काटा था।विनोद जायसवाल को जब लोकसभा प्रभारी बनाने की खबर देवरिया पहुंची तो वहाँ पर नियाज़ अहमद के समर्थकों ने हँगामा कर दिया।और पुरवां चौराहा से इंडस्ट्रियल स्टेट तक मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया,इस दौरान नियाज़ अहमद के समर्थकों ने जहां नियाज़ अहमद के समर्थन में नारे लगाए,वहीं विनोद जायसवाल को बाहरी कहकर विरोध भी किया।

नियाज़ अहमद के समर्थकों का कहना था कि विनोद जायसवाल यहाँ के रहने वाले नहीं हैं,हम बाहरी को अपना उम्मीदवार नहीं मानेंगे,समर्थकों ने कहा कि आज तक नियाज़ अहमद छेत्र में पार्टी को मजबूत करते रहे,जब टिकट की बारी आई तो एक बाहरी शख्स को टिकट दे दिया।

नियाज़ अहमद
पूर्व नेता-बसपा

इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।वहीं नियाज़ अहमद ने कहा है कि वह अब नई सियासत शुरू करेंगे और जल्द ही मीडिया से रूबरू होकर अपनी बात रखेंगे।गौरतलब है कि नियाज़ अहमद पिछले कई महीनो से प्रचार कर रहे थे,उनको बसपा ने लोकसभा प्रभारी घोषित किया था लेकिन टिकट कटने के बाद नियाज़ अहमद के सारे अरमान धरे रह गये.

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