प्राइवेट पार्ट के बाल साफ़ करने से पहले,पैगम्बर मुहम्मद (स.अ.व.) का ये फरमान ज़रूर सुन ले

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अल्लाह के रसूल सललल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम का इरशाद मुबारक है कि यह पाँच चीज़ें इन्सान की फ़ित्रत में से हैं,1 खतना 2 ज़ेर नाफ़ बाल साफ़ करना 3 मोंछ का काटना 4 नाख़ुन काटना 5 बग़ल के बालों की सफ़ाई।अल्लाह के रसूल सललल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम की आदत मुबारका ये थी कि हर हफ़्ते बालों की सफ़ाई करते थे।

हज़रत अनस रज़ी अल्लाहु ताला अनहु फ़रमाते है कि अल्लाह के रसूल सललल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम मोंछ के कम करने,नाख़ुन,बग़ल और शर्मगाह के बालों की सफ़ाई के 40 दिन मुक़र्रर किए हैं कि उनको इस से ज़्यादा नहीं छोड़ें।बग़ल के बालों के मुताल्लिक़ हुक्म ये है कि उनको नोचा जाये। इस तरह करने से बग़ल से बदबू नहीं आएगी और अच्छी तरह सफ़ाई हो जाती है।

अगर किसी को नोचने में दुशवारी हो तो फिर काटा जाये। (आजकल नोचने के लिए बर्क़ी मशीन मिलती है जिससे नोचना बहुत आसान होता है).जैसा कि हमारा दीन कहता है कि सफ़ाई आधा ईमान है तो हम सबको चाहिए कि अपने जिस्म की सफ़ाई का ख़ास ख़्याल रखें. हम में से ज़्यादा-तर लोग पोशीदा बाल साफ़ करने के लिए उस्तरे का इस्तिमाल करते हैं.

आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएंगें कि उस्तरे का सही इस्तेमाल कैसे किया जाये, ताकि पोशीदा बाल भी सही से साफ़ हो जाएं और उस्तरे से मूंडने के बाद जिल्द पर ज़ख़म भी ना आए।अगर आप उस्तरे को ज़्यादा लंबे बालों पर फेरेंगें तो उस्तरे का धार चंद सेकंडों में ख़त्म हो जाएगा और सही से सफ़ाई भी नहीं हो पायगी।

इसलिए अगर आपके बाल ज़्यादा बड़े हैं तो आपको चाहिए कि आप उस्तुरा फेरने से पहले अपने पोशीदा बालों को कैंची की मदद से टर्म कर लें, या इतना नरम कर लें कि उस्तरा चलाने में ज़्यादा परेशानी न हो।पोशीदा बाल अकड़ेऔर सख़्त होते हैं तो इसलिए ज़रूरी है कि आप बाल काटने से पहले जगह को अच्छे से धोलें और अगर हो सके तो बालों वाला शैंपू पोशीदा बालों पर लगा कर धोएँ।

इस से आपके बाल नरम और सीधे हो जाऐंगे और उस्तरे से काटने में काफ़ी आसानी हो जाएगी।पोशीदा बालों की बेहतरीन सफ़ाई के लिए ज़रूरी है कि आप अच्छे उस्तरे का इस्तिमाल करें।उस्तुरा अगर नया हो तो ज़्यादा बेहतर है यानी पुराना पहले से इस्तिमाल शूदा उस्तुरा ना हो।वैसे तो 20 रुपय की सस्ती सेफ़्टी से भी काम चल जाता है,लेकिन उस्तरे से बाल आसानी और सुथराई से कटती है।

उस्तुरा फेरते वक़्त अपनी जिल्द को ढीला नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि इस तरह कट लग सकता है।उस्तुरा फेरते वक़्त जिल्द को खींच कर रखें ताकि उस्तुरा बालों पर आसानी से फिर सके।उस्तुरा बालों की सिम्त के हिसाब से फेरना चाहिए।काफ़ी नौजवान उस्तरे को अपने बालों पर कभी सीधा,कभी उल्टा,कभी दाएं और कभी बाएं सिम्त पर फेरते रहते हैं जो एक ग़लत अमल है।माहिरीन के मुताबिक़ बेहतरीन तरीक़ा ये है कि आप हल्के हाथ से और इंतिहाई एहतियात के साथ दाएं और बाएं सिम्त की तरफ़ उस्तुरा चलाएं।

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