बड़ी खबर-नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस ने दी अहम ज़िम्मेदारी,ये है वज़ह

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Navjot Siddu And Rahul Gandhi

चंडीगढ़-नवजोत सिंह सिद्धू यानी हर हारी बाजी को जीतने वाली शख्सियत।कभी अपनी बातों तो कभी हरकतों की वजह से खुद अपने लिए मुश्किलें पैदा करने वाले सिद्धू इनसे निपटने के रास्ते भी तलाश लेते हैं और किस्मत इस मामले में उनका भरपूर साथ भी देती है।पंजाब में जहां एक तरफ कांग्रेसमें अमरिंदर सिंह का घरेलू विवाद बना हुआ है और घमासान काफी तेज हो गई है।वहीं दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है लोगों के बीच में से दो काफी लोकप्रिय होते नजर आ रहे है।

सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर देशभर में तहलका मच गया था विपक्षी पार्टियों से लेकर जनता ने अपने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी थी।लेकिन इस प्रतिक्रिया का सिद्धू की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा और वहीं कांग्रेस पार्टी में सिद्धू को एक बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है।और लोगों का मानना है कि 11 दिसंबर के बाद नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस पार्टी में एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

देश के कुछ राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेश पूरी तरीके से चुनाव प्रचार में जुट चुकी हैं और इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने पूरे तन मन धन से राज्य में अपनी सरकार बनाने के लिए लगी हुई है।और इसी बीच रैलियों और जनसभाओं में चुनाव प्रचार के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू की मांग काफी बढ़ी है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार राज्य में सिद्धू की अधिक से अधिक रैली कराने की मांग आ रही है।उन क्षेत्रों में सिद्धू की रैली करवाने की मांग अधिक है जिन इलाकों में पीएम नरेन्द्र मोदी प्रचार करने जा रहे हैं।प्रदेश कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने एक न्यूज़ को बताया कि मांग को देखते हुए सिद्धू की अधिक से अधिक रैली कराने की तैयारी की जा रही है।इसके अलावा वह राजस्थान में भी धुआंधार रैलियां करेंगे। 

हिसाब से इस समय नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में दिख रहे हैं।पार्टी नेताओं के अनुसार अगर यह प्रयोग सफल रहा तो उनका आम चुनाव के दौरान भी अधिक से अधिक इस्तेमाल होगा।पिछले दिनों नवजोत सिंह सिद्धू टि्वटर पर भी सक्रिय हुए हैं।आपको बता दे कि विधानसभा चुनाव से पहले अकाली दल का दामन छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामने को लेकर सिद्धू और परगट के सुर में सुर मिले थे।

आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के साथ न बनने के बाद सिद्धू ने राहुल गांधी के सहारे कांग्रेस का दामन थाम लिया।इसी दौरान परगट सिंह भी कांग्रेस में शामिल हुए।सिद्धू की सियासी फील्डिंग के चलते कैप्टन के करीबी जगबीर सिंह बराड़ की बजाय जालंधर कैंट से परगट को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा।वही पाकिस्‍तान से लौटने के बाद तेलंगाना चुनाव प्रचार में गए सिद्धू ने वहां प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री को अपना कैप्टन मानने से ही इन्कार कर दिया।उन्होंने अपने बेबाक स्टाइल में राहुल गांधी को अपना कैप्टन बताया। 

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