DGP ना बनाये जाने पर मुस्लिम IPS ने खोला मोर्चा,कहा-मैं सीनियर था लेकिन मुझे…

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अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के डीजीपी रह चुके जावीद अहमद का एक वाट्सएप मेसज वायरल हुआ था,जिस में वह सीबीआइ निदेशक न बन पाने के बाद इशारे में कहा था कि मुस्लिम होने की वजह से मैं इस पद पर नहीं पहुँच पाया।अब ऐसे ही एक और मुस्लिम आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया है कि उनके साथ सौतेला बर्ताव किया गया है।


मामला पंजाब का है,वहाँ के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा है कि मैं पुलिस प्रमुख बनने के लिए पूरी तरह से योग्य था,लेकिन मेरा नाम सूची से हटा दिया गया है।यह पद दूसरे को दे दिया गया है।उनका कहना है कि वह अब इस मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट तक जाएँगे।मोहम्मद मुस्तफा ने कहा है कि वह इस वक़्त सूबे में सबसे सीनियर हैं.

इसके बाद भी उन्हें सूबे का डीजीपी नहीं बनाया गया है,वह कहते हैं कि उनकी नाराजगी पंजाब सरकार से नहीं और न ही कॉंग्रेस पार्टी से है।वह यूपीएससी से नाराज़ हैं,उन्होने यह भी कहा है कि हम जल्द ही महकमे के एक अधिकारी का सच लोगों के सामने लाएँगे,जिस बड़ा खुलासा होगा।

वहीं मोहम्मद मुस्तफा ने यह भी कहा है कि मामला डीजीपी बनने का नहीं है,बल्कि यह मामला मेरी इज्ज़त से जुड़ा हुआ है और सीनियर होने के बाद भी मुझे डीजीपी नहीं बनाया गया है,इस से मेरे आत्म सम्मान को धक्का लगा है।आप को बता दें कि बीते दिन दिनकर गुप्ता को पंजाब का डीजीपी बनाया गया है.


उन्होने अपनी ज़िम्मेदारी सँभाल ली है,लेकिन दिनकर गुप्ता के डीजीपी बनने के बाद आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा ने मोर्चा खोल दिया है,और उनका कहना है कि मैं सीनियर था,लेकिन मेरा हक़ मार कर दूसरे को डीजीपी बनाया गया है।उनका कहना है कि वह इस मामले को सुप्रीमकोर्ट में ले जाएँगे।अपना आत्म सम्मान वापस लेंगे।

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