मुसलमानों में है इतनी जातियां,जाने कैसे ये वज़ूद में आये?

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इस्लाम में उंच नीच,भेद भाव नहीं है,इस्लाम के मानने वाले जहां पर भी हैं,एक साथ में बैठ कर खाना खा लेते हैं,ऐसे ही दूसरे कामों में भी एक साथ खड़े हो जाते हैं लेकिन हिंदुस्तान में जाति है, और के लोग अलग अलग जाति में बंटे हुये हैं.एक जाति के लोग दूसरी जाति में शादी नहीं करते हैं,इस लिए जब यहाँ पर मुसलमान आए और उनकी अच्छी बातों को पसंद करके भारत के लोगों ने इस्लाम अपनाया तो उन में जाति की प्रथा बाक़ी रह गई, और धीरे धीरे यहाँ के मुस्लिम भी जाति में बंट गए।

सौर्स-हलाकू

हिंदुस्तान में इस वक़्त पाँच तरह के मुस्लिम रहते हैं.सबसे पहले तो अशरफ मुस्लिम आते हैं और अशरफ मुस्लिम को चार हिस्सों में बांटा गया है,वहीं एक तबका ऐसा है जो अशरफ मुस्लिम में नहीं आता है।जो लोग अशरफ मुस्लिम में आते हैं.उन्हें सय्यद,शेख,पशतून और मुगल कहा जाता है।

इस्लाम में सय्यद उन मुस्लिम को कहा जाता है,जो अल्लाह के रसूल हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लाहू अलैहि वसल्लम की सबसे छोटी बेटी सय्यदा फातिमा रज़ी अल्लाहु ताला अनहा और उनके शौहर मौलाए काइनात हज़रत अली रज़ी अल्लाहु ताला अनहु की नसल पाक से हैं.दुनिया भर के मुस्लिम सय्यद की बहुत इज्ज़त करते हैं.

हिंदुस्तान में भी ऐसे मुस्लिम की बहुत इज्ज़त है और मुस्लिम जब इनसे मुलाक़ात करते हैं तो बहुत एहतराम से पेश आते हैं।इन्हें आले मोहम्मद(सल्लाहू अलैहि वसल्लम) भी कहा जाता है।इसके बाद अशरफ मुस्लिम में दूसरे नंबर पर शेख आते हैं,यह ऐसे मुस्लिम हैं जो अरब और ईरान से भारत में आए,इन में कुछ ऐसे भी मुस्लिम हैं,जो पहले राजपूत थे,लेकिन कलमा पढ़ कर मुस्लिम हो गए।

सोर्स-विकिपीडिया

तीसरे नंबर पर पशतून आते हैं,इन्हें पठान कहा जाता है,यह लोग अफगानिस्तान और पाकिस्तान के पहाड़ी इलाकों से भारत में आए थे और चौथे नंबर पर मुगल आते हैं,यह लोग तुर्की इराक़ और उसके आस पास के देशों के रहने वाले हैं जो भारत आए,और यहीं पर रह गए।इन चार जातियों के इलाका एक पाँचवी क़िस्म भी है जो भारत में रहते हैं,इस में वह तमाम मुस्लिम शामिल हैं जो हिन्दू से मुस्लिम हुये,जैसे बुनकर,दर्जी,धोबी,चूड़ी फ़रोश और इसके इलाका जो भी मुसलमानों की जाति है,वह सब इसी पाँचवीं क्सिम में आते हैं।

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