अब मोदी से नाराज़ हुआ बचपन का दोस्त,खोले कई राज़,बोला-मोदी को हरा के अपमान का लूँगा बदला

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प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के बचपन के दोस्त एवं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया भारतीय जनता पार्टी से अब अपनी उम्मीदें तोड़ चुके हैं,उनके और भाजपा के बीच काफी दूरी हो गई है,बीते एक साल में कई बार वह भाजपा के खिलाफ बयानबाज़ी भी कर चुके हैं,इसी लिए उन्होने अभी कुछ महीने पहले ऐलान किया था कि जो भी पार्टी राम मंदिर का मुद्दा चुनाव में उठाएगी,उसी का वह समर्थन करेंगे।

चुनाव लड़ने का  एलान

प्रवीण तोगड़िया

लेकिन अब खबर आ रही है कि तोगड़िया खुद मैदान में उतरने जा रहे हैं,उन्होने इसके लिए सियासी पार्टी भी बना ली है,उन्होने अपनी पार्टी का नाम हिंदुस्तान निर्माण दल रखा है।खबर है कि प्रवीण तोगड़िया दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अपनी पार्टी का औपचारिक ऐलान करने वाले हैं.

इसके बाद वह लोकसभा चुनाव की तैयारी में उतर जाएँगे,इस बारे में तोगड़िया ने मीडिया से बात भी की है,उन्होंने अपने चुनाव लड़ने के लिए सीट की निशानदही भी की है।प्रवीण तोगड़िया ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी गुजरात और उत्तर प्रदेश में ज़्यादा ध्यान देगी,यहाँ के सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी.

खुद भी लड़ेंगे चुनाव

वहीं अपने चुनाव लड़ने के बारे में प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि वह अयोध्या से चुनाव लड़ सकते हैं।उनका कहना है कि यहाँ पर हम मजबूत हैं,इस सीट से हमें जीत मिल सकती है,इस लिए वह अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे।उन्होंने इसके साथ ही कहा है कि वो वाराणसी से भी लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं.प्रवीण तोगड़िया ने यह भी कहा है कि वह सिर्फ उत्तर प्रदेश और गुजरात तक ही सीमित नहीं रहेंगे,बल्कि वह देश के सभी राज्यों में अपने उम्मीदवार उतारेंगे।उन्होने बताया है कि वह चालीस उम्मीदवारों की लिस्ट भी तैयार कर चुके हैं,बाक़ी उम्मीदवारों की लिस्ट बनाई जा रही है।

प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि हमारा सियासत में आने का मक़सद साफ है,हम अयोध्या में राम मंदिर देखना चाहते हैं,इसी लिए पार्टी बनाई है,हम चाहते हैं कि किसी तरह अयोध्या में राम मंदिर बन जाये।इस वक़्त जितनी भी पार्टियां राम मंदिर के नाम पर सियासत कर रही हैं, वह नहीं चाहती हैं कि राम मंदिर बने,इस लिए हमें मैदान में आना पड़ा है।

प्रवीण तोगड़िया

मोदी से बचपन की दोस्ती

कभी मोदी और तोगड़िया की प्रगाढ़ दोस्ती का कोई दूसरा उदाहरण जल्दी मिलता नहीं था.संघ के विचारों को दोनों ने गुजरात के हर कोने तक पहुंचाया. नरेंद्र मोदी के बीजेपी में जाने के बाद भी इनके संबंध बने रहे.जब अपने राज्य से ही मोदी को राजनीतिक वनवास दे दिया गया तो गुजरात में वो प्रवीण तोगड़िया ही थे जिन्होंने मोदी की वापसी सुनिश्चित करने के लिए अपने स्तर पर उनका भरपूर सहयोग किया.

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी

कभी गुजरात की भाजपा सरकार में बड़े स्तर पर दखल रखने वाले तोगड़िया को गुजरात दंगे के बाद नरेन्द्र मोदी ने धीरे-धीरे उन्हें ठिकाना लगाना शुरू कर दिया था और एक समय ऐसा आया जब नरेन्द्र मोदी की विशाल छवि के सामने प्रवीण तोगड़िया विलुप्त हो गए.

इसलिए मोदी और तोगड़िया में तनाव

बात अगर विचारधारा की है तो नरेन्द्र मोदी और प्रवीण तोगड़िया दोनों ने एक ही ‘स्कूल ऑफ थॉट’ से डिग्री प्राप्त किया है.लेकिन राजनीतिक मजबूरियां और महत्वाकांक्षाएं दोनों को समय के साथ विपरीत दिशा में बहा ले गई.लेकिन इतना तय है कि अगर प्रवीण तोगड़िया ने लोकसभा का चुनाव लड़ा तो यह बीजेपी और नरेन्द्र मोदी के लिए शुभ संकेत नहीं होंगे क्योंकि ऐसे में हिन्दू वोटों का बंटवारा हो सकता है.भजपा को उत्तर प्रदेश में नुकसान उठाना पड़ सकता है.
India,Modi never sold tea, just a gimmick to gain Sympathy (of People to Get Votes and then to Loot India), says Praveen Togadia – Elections News

. https://t.co/JEi8RBy2LU

— GDNK Dravidian (@Gasi_Nat) February 10, 2019

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