मोदी सरकार ने बदला नियम,अब बैंक में खाता खुलवाने पर ये चीज़ हुई ज़रूरी,पढ़े ज़रूरी खबर

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बीते साल भारत सरकार द्वारा आधार कार्ड को बैंक खाते और सिम कार्ड के साथ जोड़े जाने के कानून को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि भारत के नागरिकों को आधार को मोबाइल या फिर बैंक खातों के साथ लिंक करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अब खबर सामने आ रही है कि केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने कल केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आधार एक्ट 2016 पीएमएलए 2005 तथा इंडियन टेलिग्राफ ऐक्ट 1885 में संशोधन करने को लेकर अध्यादेश जारी करने की मंजूरी दे दी।केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा आधार को स्वैच्छिक रूप से मोबाइल नंबर,बैंक खातों से जोड़ने को कानूनी आधार प्रदान करने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई है।

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बता दें कि इस अध्यादेश को संसद में बिल के तौर पर पेश किया गया था 4 जनवरी को लोकसभा ने इसे पास कर दिया है।लेकिन राज्यसभा में इसे पास करने में देरी होने के कारण 16 वीं लोकसभा के विघटन के साथ ही ये खत्म हो जाएगा इसीलिए मोदी सरकार द्वारा अब अध्यादेश के जरिए आधार एक्ट में बदलाव किए जाने का फैसला लिया गया है।

बता दें कि आधार एक्ट 2016 में किए गए संशोधन के चलते आधार के इस्तेमाल और निजता के उल्लंघन के लिए निर्धारित किए गए मानदंडों के उल्लंघन के लिए भी इस अध्यादेश में कठोर दंड का प्रावधान रखा गया है।इस मामले में केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि टेलीग्राफ एक्ट और पीएमएलए नियमों के तहत स्वैच्छिक रूप से आधार का इस्तेमाल किया जा सकता है।लेकिन इसके सा आधार का इस्तेमाल करने वाली किसी भी इकाई को गोपनीयता दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।

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आधार का इस्तेमाल करने के लिए किसी पर भी जबस्दस्ती नहीं की जा सकती।इस एक्ट में किए गए संशोधन के तहत अगर कोईशख्स आधार का इस्तेमाल नहीं करना चाहता है तो उसे किसी भी सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता है।मोदी सरकार के कार्यकाल में आधार एक्ट को लेकर आम जनता और विरोधी दलों द्वारा निजता के अधिकार का उल्लंघन करने के मामले में आपत्ति जता चुके हैं।

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