मक्खी को कब और क्यों पैदा किया गया? हज़रत अली (र.अ.) ने फ़रमाया

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अल्लाह ताला ने दुनिया में जीतने भी जानदार पैदा फरमाए हैं,उन सब में कोई न कोई हिकमत ज़रूर है,छोटे छोटे जानवरों को भी अल्लाह ताला ने हिकमत से पैदा फरमाया है लेकिन किसी का मक़सद लोगों पर ज़ाहिर कर दिया गया है और किसी का नहीं ज़ाहिर किया है,इन्हीं में से मक्खी भी है, मक्खियाँ कई तरह की होती हैं,इन्हीं में से एक मक्खी है,जो शहद बनाती है।

मक्खी को पैदा करने के बारे में जानकार बताते हैं कि यह जानवर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की दुआ से पैदा की गई,और उसी वक़्त से यह दुनिया में मौजूद हैं।मक्खियाँ ज़्यादातर गर्मी के मौसम में नज़र आती हैं,ठंडी के मौसम में इनकी तादाद कम हो जाती है।हम आप को यहाँ पर मक्खी के बारे में एक वाकया सुनाने जा रहे हैं,जो एक बादशाह और गुलाम के बारे में है।

खुरासान का बादशाह शिकार खेल कर वापिस आने के बाद तख़्त पर बैठा था थकावट की वजह से इस की आँखें बोझल हो रही थीं बादशाह के पास एक ग़ुलाम हाथ बाँधे मुअद्दब खड़ा था।बादशाह को सख़्त नींद आई हुई थी मगर जब भी इस की आँखें बंद होतीं तो एक मक्खी आकर उस की नाक पर बैठ जाती थी,और नींद और बे-ख़याली की वजह से बादशाह ग़ुस्से से मक्खी को मारने की कोशिश करता लेकिन इस का हाथ अपने ही चेहरे पर पड़ता था और वो हड़बड़ा कर जाग जाता था।

जब दो तीन दफ़ा ऐसा हुआ तो बादशाह ने ग़ुलाम से पूछा तुम्हें पता है कि अल्लाह ने मक्खी को क्यों पैदा किया है इस की पैदाइश में अल्लाह की क्या हिक्मत पोशीदा है?ग़ुलाम ने बादशाह का ये सवाल सुना तो उसने ऐसा जवाब दिया जो सुनहरे हुरूफ़ से लिखे जाने के काबिल है।ग़ुलाम ने जवाब दिया बादशाह सलामत!

अल्लाह ने मक्खी को इस लिए पैदा किया है कि बादशाहों और सुलतानों को ये एहसास होता रहे कि बाज़ औक़ात उनका ज़ोर एक मक्खी पर नहीं चलता।कहते हैं कि बादशाह को इस ग़ुलाम की बात इतनी भाई कि उसने उसे आज़ाद कर के अपना मुशीर मुक़र्रर कर दिया।हिकायात हकीमाना फ़ारसी

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