लालू के गढ़ को जीतने के लिए भाजपा का बड़ा दावं,मुस्लिम को लोकसभा टिकट

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आने वाले चुनाव को लेकर सभी दलों में अब टिकट आवंटन निर्णायक मोड़ पर आ चुका है।सभी पार्टियां अपना पूरा दमखम लगा रही है।ज्यादातर राजनीतिक दलों ने लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतार दिया है और उनके नामों पर मोहर लगा दी है। उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में भी इस वक़्त सियासी उठापठक चल रही है।

बिहार में राजनीतिक पारा उफान पर है।हालांकि बिहार में बीजेपी नीत एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला हो चुका है,लेकिन कौन सी पार्टी किस सीट पर चुनाव लड़ेगी इसकी घोषणा बाकी है। इस लोकसभा चुनाव में बिहार की सबसे महत्वपूर्ण सीट बेगूसराय मानी जा रही है।इस बार बेगूसराय से जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी चुनाव लड़ सकते हैं।जिसके चलते ये सीट सुर्ख़ियों में बनी हुई है।

जमशेद अशरफ

वहीँ एनडीए की तरफ से इस सीट पर उम्मीदवार का नाम घोषित किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।बता दें कि एनडीए की तरफ से उम्मीदवारी के लिए पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जमशेद अशरफ का नाम रेस में सबसे आगे है।पूर्व मंत्री को जिले से उम्मीदवार बनाए जाने की खबर से उनके समर्थकों में जनता में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

आपको बता दें कि बेगूसराय सीट पर वोटरों की संख्या पर अगर गौर करें तो मुस्लिमों की आबादी दूसरे नंबर पर है।मुस्लिम वोटरों के बीच जमशेद अशरफ की लोकप्रियता भी मानी जाती है।उन्होंने बिहार में बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटरों को बीजेपी के साथ जोड़ा है।आपको बता दें कि बेगूसराय सीट पर एनडीए द्वारा लिए गए इस फैसले को विपक्षी पार्टियों द्वारा मास्टर स्ट्रोक का नाम दिया जा रहा है।

जमशेद अशरफ

क्योंकि इस इलाके में जमशेद अशरफ मुसलमानों के बीच अच्छी खासी पकड़ रखते हैं और वह एनडीए के लिए महावीर साबित हो सकते हैं।जमशेद अशरफ 2005 में पहली बार विधायक बने थे।उन्होंने बलिया विधानसभा से शहरी विकास मंत्री नारायण यादव को हराया था। साल 2014 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था।बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 को कुछ ही समय रह गया है। इस हफ्ते में चुनाव की तिथि की घोषणा भी कर दी जायेगी।

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