जब लड़की ने हज़रत अली से पूछा-क्या इश्क कर सकते है और ज़िना कर सकते है?,मिला ये जवाब

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आपने देखा होगा जादातर लड़के लड़कियां आपस में प्यार करते हैं,ये इस समय समाज के तहजीब का हिस्सा बन चुका है.वेस्टर्न कल्चर का ऐसा चलन हुआ है कि आज लड़का और लड़की प्यार में हर हद पार कर देते हैं.दोस्तों जैसा कि हम जानते है इस्लाम में बिना निकाह के आपस में जिना करना बहुत बड़ी गुनाह है.क्या आप ने ये सोचा है कि प्यार के नाम पर आजकल जो चल रहा है वो इस्लाम में जायज़ है या नही.

अगर आप इस बारे में मुक़म्मल जानकारी नही रखते है तो हम आप को यहाँ पर एक वाकिया बताने जा रहे है जोकि इस तरह है.एक बार एक लड़की हजरत अली रजी अल्लाह ताला अन्हु के पास गयी और उसने कहाकि मेरे जहन में कुछ सवाल लेकिन इन्हें पूछते हुए मुझे घबराहट हो रही है.इस पर हजरत अली रजी अल्लाह ताला अन्हु ने फ़रमाया कि आप का जो भी सवाल है वो पूछो.

इसके बाद लड़की ने कहाकि उससे एक आदमी मोहब्बत करता है और उसे खूब पसंद भी करता है लेकिन वो शख्स मेरे जिस्म को छूने की कोशिश करता है.क्या मैं उस शख्स को छूने की इजाजत दे सकती है,क्या इस्लाम में इसकी इजाजत है? इस पर हजरत अली ने फ़रमाया,नही आप किसी आदमी को इस बात की इज़ाज़त बिलकुल नही दे सकती है,इस्लाम में शादी को आसान बनाया गया है आप दोनों लोग शादी कर सकते है.बिना शादी के शौहर और बीबी का रिलेशन करना हराम है.

हजरत अली के जवाब से ये बात समझा जा सकता है कि मोहब्बत के नाम पर जिना किसी भी सुरत में जायज़ नही है.बता दे कि इस्लाम में जिना को गुनाह ऐ कबीरा बताया गया है यानि ये सबसे बड़े गुनाहों में से एक है.इसलिए ऐसे गुनाह से लोगो को हर हाल में बचना चाहिए और किसी से मोहब्बत है तो उसे निकाह करना चाहिए.

आपको बता दे इस्लाम में लड़का और लड़की बालिग होते ही शादी कर सकते है.इस्लाम ने शादी के लिए लड़के और लड़की के बालिग होने की शर्त रखी है.अपने बच्चो की शादी से पहले माँ बाप को अपने बच्चो से रजामंदी लेने का हुक्म है.इसलिए माता पिता को शादी पक्की करने से पहले बच्चो से पूछना ज़रूरी बताया गया है.

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