क्या आप जानते है हमारी आंख क्यों फड़कती है ?,नबी करीम(स.अ.व.) ने फ़रमाया

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हम अक्सर पुराने लोगों से अलग अलग प्रकार की बाते सुनते होगे या सुनी होगी जिसे सुनकर पर हैरत से उन्हें जरुर देखते होगे और फिर यही जानकारी आपको याद करने के लिए कहा जाता होगा.अक्सर हम ये देखते है कि बिल्ली रास्ता काट जाती है तो लोग कहते है ये अशुभ है,इसी तरह आँख के फड़कने को लेकर भी तरह तरह की बाते की जाती है.

जब आँख फड़कती है तो लोग सोचते है कि कि अब कोई ना कोई बूरी खबर आने वाली या कोई घटना घटित होने वाली है.आज हम आपको इसके बारे में बताएगें कि आंख क्यों फड़कती है और ये अच्छा है या बुरा.आपको बता दे,इस्लाम में वहम् की सख्त मनाही है.आँख फड़कना अच्छा है या बुरा लेकिन इसे एक वहम् ही बताया जाता है.इस बात में ज़रा भी सच्चाई नहीं दिखती है.

इस बारे में उलेमा ए किराम बताते है कि इंसान को इस तरह के तमाम वहमों से बचना चाहिए और लोगो को यह कोशिश करनी चाहिए कि वो नेक रास्ते पर चले.उलेमा फरमाते है कि किसी इंसान की आंख फड़के या ना फड़के,उसके साथ अगर अच्छा होना है तो अच्छी ही होगा और अगर कुछ बुरा होना है तो बुरा ही होगा.

उलेमा फरमाते है कि रसूले पाक सल्लाहू अलैही वसल्लम फरमाते है कि अगर किसी की आंख फड़फड़ाए तो आपको सबसे पहले ‘आऊजू बिल्लाही मिनश्शैतानिररज़ीम’ पढ़ना चाहिए.उलेमा ए किराम बताते है कि इसको पढ़ने के बाद आपको जो आँख फड़की है उस के दूसरे कंधे पर फूंक मार दे.

मतलब कि अगर आपकी बांयी आँख फड़क रही है तो आपको दायी आँख पर फूंक मारना चाहिए.इसी तरह अगर आपकी दायी आंख फड़क रही है तो बायी आंख के कन्धे की तरफ फूंक मारना चाहिए.ऐसा करने से आपकी आंख फड़फड़ा बन्द हो जाएगी।

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