“ख़ुदा ने इतनी मेहनत से बनाया, मगर फ़िर आदमी भी आदमी है…”

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दिल्ली के सीरी फोर्ट रोड पे स्थित अर्पणा आर्ट गैलरी में जश्न-ए-ख़यालात की और से शाम-ए-सुख़न का आयोजन किया गया।इस अदबी नशिस्त की सदारत मशहूर शायर जनाब एन.मीम.कौसर साहब ने की।शाम-ए-सुख़न की शानदार निज़ामत करते हुए सौरभ ‘सदफ़’ ने महफ़िल को बेहेतरीन सुखनवरों से रूबरू कराया।

सभी शायरो ने अपने उम्दा कलम से महफ़िल को बांधे रखा. इसमें चार चाँद लगाने के लिए मशहूर शायर जनाब अनिमेष शर्मा ने अपनी ग़ज़लों पे सुनने वालो को झूमने पर मजबूर कर दिया।इस उर्दू बज़्म में दो हिंदी कवियत्रि अपर्णा दीक्षित और मुस्कान शर्मा ने भी अपनी रचनाओं से खूब समा बाँधा।

इस नशिस्त की ख़ास बात ये रही के इसमें न केवल बड़े और मशहूर शायरों ने शिरकत की बल्कि नए इसमें उभरते हुए सुख़नवर विनय माही,फ़ैज़ी फ़र्रुखाबादी,गौरव त्रिवेदी ने भी अपनी गहरी छाप छोड़ी।शायरा रिजवाना बानो और पायल भरद्वाज शर्मा ने बेहद उम्दा कलाम पढ़ें।

अदब के इस जलसे में शिरकत करने वालों में क़ासिद देहलवी,आशीष प्रकाश,राहुल झा,शाहरुख़ अबीर,यासिर तहसीन,आमिर निशति और नाज़िम सौरभ सदफ़ जैसे प्रचलित नाम शामिल रहे।कुल मिलकर ये शाम असल मायनों में सुख़न और अदब के नाम रही।नोजोटो (nojoto) टैलेंट प्लेटफॉर्म इस कार्यक्रम का टैलेंट पार्टनर रहा।

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