इस जानवर के गोश्त में अल्लाह ने रखा है ये असर,मौलाना ने बताया कि..

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तारिक मसूद-FI

दुनिया भर में लोग अलग अलग तरह का खाना खाते है.कुछ लोग शाकाहारी है वही कुछ लोग मांसाहारी,मांसाहार में भी कई तरह के जानवर के मीट होता है.अलग अलग जगह अलग अलग जानवर के मीट को खाने में लोग इस्तेमाल करते है.मुस्लिम समाज में बकरा,मुर्गा और भैंस का मीट भारत में उपयोग होता है.भैंस के मीट या किसी बड़े जानवर के मीट को बी-फ भी कहा जाता है आज हम मौलाना तारिक मसूद के गोश्त पर दिए ब्यान के बारे में बताने जा रहे है.

बी-फ खाते हैं,आज हम यहाँ पर बी-फ(भैंस) खाने के फायदे आप को बताएँगे।बीफ(भैंस)खाने से इंसान के जिस्म में बहुत ताक़त आती है,इस से जिस्म को प्रोटीन मिलती है लेकिन वहीं बी-फ(भैंस) के कुछ नुकसान भी हैं,अगर इंसान ज़रूरत के मुताबिक बी-फ खाता है तो यह उसके जिस्म के लिए बहुत फायदेमंद हैं,लेकिन अगर ज़्यादा खाता है तो उसे नुकसान भी कर सकता है।

पका हुआ मीट

बी-फ(भैंस का मीट)खाने जिस्म को प्रोटीन,आयरन,विटामिन B वग़ैरा हासिल होती हैं जोकि एक सेहत मंद जिस्म के लिए ज़रूरी हैं।इसलिए बी-फ को आम रूटीन में ज़रूरत के मुताबिक़ खाना चाहिए,मछली और मुर्ग़ी के गोश्त को आम तौर पर White meat कहा जाता है,इस से भी इन्सानी जिस्म को प्रोटीन वग़ैरा हासिल होती हैं।लेकिन जो फाइदा बी-फ खाने में है,वह मुर्गी या मछ्ली खाने में नहीं है।

पका हुआ मीट

दुनिया में लोग मटन भी खाते हैं,मटन (छोटा जानवर का गोश्त) में चिकनाई की मिक़दार,चिकन की निसबत ज़्यादा होती है।बीफ (बड़े गोश्त) में चिकनाई की ज़्यादा मिक़दार होती है,ताहम इस से दूसरी ग़िज़ाई ज़रूरीयात मसलन प्रोटीन, ज़नक,फास्फोरस,आयरन और विटामिन B वग़ैरा पूरी होती हैं।White Meat और Red Meat दोनों के अपने अपने फ़वाइद और नुक़्सानात हैं इसलिए उन्हें एक हद से ज़्यादा इस्तिमाल नहीं करना चाहिए।

तिब्ब और ग़िजाईयात के मैदान में होने वाली रिसर्च से पता चलता है कि आम रूटीन में सुर्ख़ गोश्त का ज़्यादा इस्तिमाल मुख़्तलिफ़ संगीन नौईयत की बीमारीयों मसलन कैंसर,दल के अमराज़,ज़ियाबीतस,मादा,जिगर की बीमारीयों का बाइस बन सकता है,इस के इलावा स्टडीज़ के मुताबिक़ उस के ज़्यादा इस्तिमाल से वक़्त से पहले अम्वात (Premature death) भी वाक़्य हो सकती हैं।बिलख़सूस वो लोग जो पहले से ही इन बीमारीयों में मुबतला हैं, उन्हें सुर्ख़ गोश्त के इस्तिमाल में ग़ैर मामूली एहतियात बरतनी चाहिए।

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