कांग्रेस का होगा इस मुस्लिम पार्टी से गठबंधन,अब14 लोकसभा सीटो पर बदल जायेंगे समीकरण

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राहुल गांधी

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव करीब आते ही अपने समीकरण को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है.कांग्रेस ने अब राज्यों में गठबंधन करके भाजपा को चुनौती देने की ठानी है.कांग्रेस वैसे तो केरल में मुस्लिम लीग से गठबंधन लम्बे वर्षो से कर रही है लेकिन अन्य राज्यों में कांग्रेस ने मुस्लिम पार्टियों से गठबंधन का हमेशा विरोध किया है लेकिन बदले माहौल में कांग्रेस ने बड़ा बदलाव करते हुए अब रणनीति बदली है.

इस पार्टी से करने जा रही है कांग्रेस गठबंधन-

कांग्रेस ने अब पूर्वोतर के राज्य में मुस्लिम पार्टी से गठबंधन करने का फैसला किया है.कांग्रेस ने आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट से गठबंधन करने का विचार कर रही है.गौरतलब है कि आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता बदरुद्दीन अजमल कई बार कांग्रेस के समर्थन में ब्यान दे चुके है.बदरुद्दीन अजमल राहुल गाँधी को कई बार पीएम बनाने की बात कह चुके है.

कांग्रेस पार्टी

हलाकि अभी AIUDF को लेकर कांग्रेस ने कोई अधिकारिक ब्यान नही दिया है लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने गठबंधन के लिए वार्ता शुरू करने का निर्देश दिया है.यदि दोनों पार्टियों का गठबंधन हो गया फिर भाजपा के लिए चुनाव में बढ़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी.

असम में लोकसभा की 14 सीट है.भाजपा की इस राज्य में अभी 7 लोकसभा सीट है.यूपी में सपा बसपा गठबंधन से होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई की भाजपा पूर्वोतर से उम्मीद लगा रही है लेकिन पहले तो नागरिकता संसोधन बिल उसके बाद कांग्रेस की गठबंधन पॉलिटिक्स ने भाजपा के सामने मुश्किले खड़ी कर दी है.

लोकसभा चुनाव का नतीजा

गठबंधन होने बदल जायेंगे राज्य के समीकरण-

असम में भाजपा की इस समय सात लोकसभा सीट है वही कांग्रेस और AIUDF के तीन,तीन सांसद है.2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 36 प्रतिशत मत मिला था जबकि कांग्रेस को 29 प्रतिशत मत मिला था वही AIUDF को 15 प्रतिशत मत मिला था अगर दोनों पार्टियाँ को मिलकार 44 प्रतिशत मत हो जाते है.

बदरुद्दीन अजमल

यदि दोनों पार्टियों का गठबन्धन होता तो पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ दो या तीन सीट पर सिमट जाती.विधानसभा चुनावों में भी वोटो का पर्तिशत वही रहा.सियासी जानकारों के मुताबिक,कांग्रेस-AIUDF का गठबंधन भाजपा के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकता है.आप को बता कि राज्य में मुस्लिम जनसँख्या 34 प्रतिशत के आसपास है पिछले लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में मुस्लिम मतो के बिखराव का भाजपा को फायदा मिला था.

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