भाजपा को गुजरात में लगा करारा झट’का,इस नेता ने दिया इस्तीफ़ा

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पाटीदार आरक्षण आंदोलन में हार्दिक पटेल का साथ निभाने वाली रेशमा पटेल ने bjp से इस्तीफा दे दिया है.बता दे कि 2017 के आखिर में गुजरात विधान सभा चुनाव से पहले वो बीजेपी में शामिल हुई थीं लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बाद ही उन्होंने बीजेपी छोड़ दी.रेशमा पटेल ने लंबे समय से भाजपा के खिलाफ बयान दे रही थीं.

पाटीदार आरक्षण के दौरान रेशमा जेल भी जा चुकी हैं.एक मीडिया इंटरव्यू में रेशमा ने कहा था कि वो सिंगल मदर हैं.उनके दो (जुड़वां) बच्चे हैं.एक बेटा और एक बेटी मगर दोनों उनके साथ नहीं बल्कि पिता के साथ रहते हैं.रेशमा ने बताया था कि वो पति से भी अलग रहती हैं लेकिन कभी-कभी बच्चों और पति से मिलने जाती हैं.बतौर रेशमा,उनके पति ही उनके दोनों बच्चों की देखभाल करते हैं.

रेशमा पटेल ने अपने माता-पिता के बारे में बताया था कि उनके पिताजी इस समय उनकी मां की हत्या के मामले में जेल में हैं.रेशमा ने एक बीमा कंपनी में भी काम किया है.इसके अलावा वो रियल एस्टेट कारोबार में भी सक्रिय रही हैं.पाटीदार आंदोलन के दौरान वो कई बार जेल जा चुकी हैं और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ अनशन कर चुकी हैं.

रेशमा ने हार्दिक पटेल समेत पाटीदार आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज हुए मामलों को वापस लेने और उन्हें जेल से रिहा कराने के लिए 21 दिनों की भूख हड़ताल भी की थी.इसके अलावा रेशमा ने राज्य में सभी ईवीएम मशीनों में वीवीपीएटी मशीन लगाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की थी,जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

अप्रैल 2016 में हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी के विरोध में रेशमा ने मेहसाणा में जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व किया था.यह आंदोलन हिंसक हो उठा था. मेहसाणा,सूरत,भावनगर में बड़ी संख्या में पटेल समुदाय के युवा जेल की तरफ जाने लगे थे,इससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए.आंदलोनकारियों से हुई झड़प के बाद शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं.

इसके बाद रेशमा पटेल को गिरफ्तार कर अहमदाबाद के साबरमती जेल में कैद कर दिया गया था.वो 30 दिन बाद रिहा की गई थीं.जुलाई 2017 में भी दलित उत्पीड़न के खिलाफ रेशमा ने कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी के साथ आजादी कूच मार्च निकाला था लेकिन इस कूच के कुछ दिनों बाद ही रेशमा ने अपने विचार बदलते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था.

अब भाजपा से इस्तीफा देने के बाद रेशमा ने आरोप लगाया है कि यह पार्टी अहंकारी पार्टी है और कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल मार्केटिंग के लिए करती है. रेशमा ने पोरबंदर से लोकसभा चुनाव और मनवाडार विधान सभा उप चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है.इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में रेशमा ने कहा, मैंने उपलेटा में अपना चुनावी कैम्प बनाया है.वहीं से चुनावी गतिविधियां संपन्न होंगी.मैं एनसीपी समेत अन्य पार्टियों के संपर्क में हूं.पोरबंदर से लोकसभा चुनाव और मनवाडार से विधान सभा उप चुनाव लड़ूंगी.अगर किसी भी पार्टी से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय खड़ी होकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ूंगी.

AMIT SHAH

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