बड़ी खबर-रा’फेल सौदे पर हिन्दू अखबार के खुलासे के बाद मोदी के खिलाफ मुकदमा,BJP ने..

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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने तरकश के नए नए तीर चला रहे है लेकिन अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार के संपादक एन.राम के खुलासो से भाजपा सरकार को धक्का लगा है.गौरतलब है कि एन.राम वही शख्स है जिन्होंने बोफोर्स पर खुलासो से उस समय की राजीव सरकार को हिला दिया था.एन.राम को इस वज़ह से काफी सम्मान भाजपा और कांग्रेस विरोधी दलों द्वारा दिया जाता रहा है लेकिन अब जब पासा पलट गया है.

हिन्दू अखबार के संपादक का खुलासा


उसके बाद एन राम के खिलाफ सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थक अभद्र टिप्पड़ी करके दलाल करार दे रहे है.वरिष्ठ पत्रकार एन.राम ने भाजपा और रक्षा मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा है उन्हें किसी राजनैतिक दल से किसी तरह का प्रमाण पत्र की ज़रूरत नही है.मैंने वही दिखाया है जो है और साबुत दिए है.

दरअसल एन राम ने दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए बताया कि दस्तावेजों में लिखा है डिफेन्स मंत्रलाय को इस डील पर ऐतराज़ था लेकिन पीएमओ ने किसी भी सलाह को नही मानते हुए अनिल अम्बानी को सौदा दिलवाने में कथित रूप से अवरोध दूर किये.इन खुलासो के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने पीएम मोदी पर करारा हमला बोला है.लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है.रा-फेल डील में कथित करप्शन के आरोपों को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है.

PM मोदी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज़

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली के नार्थ एवेन्यू थाने में इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई.इसके साथ ही उन्होंने इस सौदे की सीबीआई जांच करने की भी मांग की है.संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस से की गई अपनी शिकायत में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रफाल विमान घोटाले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से शामिल हैं.

इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए.इसके साथ उन्होंने अपनी शिकायत में अंग्रेजी अखबार के रफाल पर आई रिपोर्ट का भी जिक्र किया है.शिकायत दर्ज कराने से पहले सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछले साल जो रफाल लड़ाकू विमान की खरीद में गड़बड़ी से जुड़े मामले में सीवीसी,सीबीआई और कैग के सामने पेश किए थे,उनकी एक बार फिर पुष्टि हो गई है.

विमान की खरीदी में आज जिस रक्षा सचिव की असहमति का मामला सामने आया है,इसके मूल में उनकी वही शिकायत है,जिसे वह सीवीसी से पहले सीबीआई और कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) के समक्ष पेश कर चुके हैं.उन्होंने ये बयान शुक्रवार को प्रकाशित मीडिया में आई एक खबर के आधार पर कहा है.

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