36 नेताओ के इस्तीफे के बाद BSP प्रमुख मायावती ने बदला फैसला,अब मुस्लिम को टिकट

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MAYAWATI

उत्तर प्रदेश के बिजनौर सीट बसपा के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है इसी सीट से मायावती ने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था।लेकिन अब बिजनौर सीट पर बसपा द्वारा लिए गए फैसले के बाद जिले भर में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।बताया जा रहा है कि मायावती द्वारा सपा के पूर्व विधायक रुचिवीरा को बसपा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से ही जिले के दलित और मुसलमान पार्टी से नाराज चल रहे हैं।

दरअसल सपा के पूर्व विधायक रुचि वीरा के हाल ही में बसपा में शामिल होने से घमासान मचा हुआ था।जिसके बाद बसपा ने पार्टी नेता इकबाल ठेकेदार और जितेंद्र सागर को निष्कासित कर दिया था।इतना ही नहीं गठबंधन में बिजनौर की सीट बसपा के खाते में आने के बाद रूचि वीरा को बिजनौर लोकसभा का प्रभारी बनाया गया।लेकिन इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते उन्हें इस पद से हटा दिया गया है।

बसपा सुप्रीमों मायावती ने दलित और मुस्लिम समुदाय की नाराजगी को देखते हुए इक़बाल ठेकेदार को बिजनौर का प्रभारी बना दिया।अब खबर आ रही है कि बसपा द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद इक़बाल ठेकेदार को लोकसभा उम्मीदवार के तौर पर भी देखा जा रहा है।हालाकि फिलहाल इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इकबाल ठेकेदार पार्टी के ऐसे नेता हैं।जिनके पास मुस्लिम और दलित जनाधार काफी मजबूत हैं।अगर बसपा इन्हे बिजनौर जिले से टिकट देती हैं तो यहाँ से मुस्लिम वोटर बसपा के खाते में आ सकते हैं।

बताया जाता है कि इकबाल ठेकेदार हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती से मिले थे.इस दौरान उन्होंने रुचि वीरा की शिकायत उनसे की बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह के मुताबिक रुचि वीरा पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थी जिसके चलते उन्हें बसपा से निष्कासित किया गया है।

इकबाल ठेकेदार

आपको बता दें कि पूर्व विधायक रुचिवीरा भी बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने वह अपना पक्ष भी रखेंगी। मायावती का पार्टी से निष्कासन करने का फैसला स्वीकार है।उनका कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती टिकट का जो फैसला करेंगी।उसे वह स्वीकार करेंगी।लेकिन वह भी मायावती से मिलकर अपना पक्ष रखेंगी और उन्हें सारी बात बताएंगी।क्योंकि मेरा निष्कासन विरोधियों द्वारा एक साजिश के तहत करवाया गया है।

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