मानसरोवर यात्रा रोकने के बाद चीन ने रद्द किया भारतीय पत्रकारों का दौरा

मानसरोवर यात्रा रोकने के बाद चीन ने रद्द किया भारतीय पत्रकारों का दौरा

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सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के बीच तनाव के चलते 8-15 जुलाई को होने वाली पत्रकार यात्रा को रद्द कर दिया गया है। ये जानकारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित चाइनीज दूतावास के हवाले से दी गई है। चीन हर साल चुनिंदा भारतीय पत्रकारों के लिए तिब्बत यात्रा का आयोजन करता है। बता दें कि भारतीय सेना ने चीन द्वारा डोकलाम में सड़क निर्माण का कार्य रुकवा दिया जिससे दोनों देशों के बीच तनाव उच्च स्तर पर पहुंच चुका है। डोकलाम चीन और भूटान के बीच विवादित क्षेत्र है। डोका ला उस क्षेत्र का भारतीय नाम है, जिसे भूटान डोकलाम कहता है, जबकि चीन इसे अपने डोंगलांग क्षेत्र का हिस्सा मानता है। सूत्रों के अनुसार 1962 के युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन और भारत के बीच इतने लंबे से गतिरोध बना हुआ है। वहीं इससे पहले विवाद के चलते चीन ने नाथू ला के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द कर दी थी।

पिछली बार 2013 में 21 दिन तक गतिरोध की स्थिति बनी थी जब जम्मू कश्मीर के लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में 30 किलोमीटर अंदर डेपसांग प्लेन्स तक प्रवेश कर लिया था और इसे अपने शिनझियांग प्रांत का हिस्सा होने का दावा किया था। हालांकि उन्हें वापस खदेड़ दिया गया। जानकारी के लिए बता दें कि सिक्किम मई 1976 में भारत का हिस्सा बना था और एकमात्र राज्य है जिसकी चीन के साथ एक निर्धारित सीमा है। ये सीमा रेखा चीन के साथ 1898 में हुई एक संधि पर आधारित हैं।

सूत्रों के अनुसार इस बार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा भारतीय सेना के 2 बंकरों को नष्ट करने की आक्रामक गतिविधि के बाद भारत ने ‘गैर-आक्रामक मुद्रा’ में और ज्यादा जवानों को भेजा है। वहीं भूटान ने भारत की मदद से चीन के सामने अपनी चिंता जाहिर की क्योंकि चीन और भूटान के बीच राजनयिक संबंध नहीं है। इस बीच चीन ने भारत से सेना की गतिविधि को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई और यह भी संदेश दिया कि गतिरोध खत्त होने के बाद ही तीर्थयात्रियों को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए नाथू-ला पास का रास्ता खोला जाएगा।

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