पाकिस्तान के लिये जासूसी करते पकड़े गये गोरखपुर के ADM प्रभुनाथ कारवाई के नाम पर सिर्फ तबादला

पाकिस्तान के लिये जासूसी करते पकड़े गये गोरखपुर के ADM प्रभुनाथ कारवाई के नाम पर सिर्फ तबादला

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गोरखपुर–सेना की जासूसी के मामले में घिरे गोरखपुर के एडीएम प्रभुनाथ को हटाकर राजस्व परिषद में भेज दिया गया है, यूपी एटीएस ने प्रभुनाथ को बयान देने के लिए गुरुवार को नए सिरे से नोटिस जारी किया है। झांसी के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से सेना से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज पाकिस्तानी जासूसों को देने का एटीएस ने चार अगस्त को खुलासा किया था।

इस मामले में कलेक्टोरेट के स्टेनो राघवेन्द्र ने तत्कालीन एसडीएम के निर्देश पर दस्तावेज एक व्यक्ति को देने का खुलासा किया था। तीन दिन पहले यूपी एटीएस ने झांसी के तत्कालीन एसडीएम और मौजूदा समय में सीएम योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात प्रभुनाथ को नोटिस भेजा था। उनकी भूमिका संदिग्ध होने की जानकारी भी शासन को भेजी गई थी।
4 अगस्त को सेना की गोपनीय सूचना की जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजे जाने के मामले में यूपी एटीएस को स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार से 13 घंटे पूछताछ के बाद सबूत मिले थे। स्टेनो के खिलाफ साक्ष्य मिले थे कि उसके पास मोबाइल का नंबर 10 डिजिट का होता है, लेकिन राघवेंद्र की कॉल डिटेल में एक नंबर मिला है, जो सिर्फ 9 डिजिट का है। इसी नंबर से आर्मी के मूवमेंट की सूचना दी जाती थी।
कई सालों से दे रहा था सूचना
राघवेन्द्र पिछले कई साल से इसी नंबर पर सेना से जुड़ी सूचनाएं देता था, एटीएस इसकी जांच कर रही है। वहीं, राघवेन्द्र का कहना था कि जिला प्रशासन के एक अधिकारी के आदेश पर वह सूचनाएं बताता था। उससे कहा गया था कि यह नंबर सेना के एक अधिकारी का ही है। यूपी एटीएस ने खुलासा किया था कि पिछले काफी समय से झांसी के एसडीएम ऑफिस से एक कम्प्यूटर द्वारा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजी जा रही थी। ऑफिस के जिस कम्प्यूटर से यह सूचनाएं भेजी जा रही थी वह एक महीने पहले तक एसडीएम के स्टेनो रहे (अब एडीएम का स्टेनो) राघवेन्द्र अहिरवार का था।

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