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ओवैसी की यूपी में सियासी एंट्री-सबसे ज्यादा सपा के लिए बन रही है ट्रेजेडी

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रिपोर्ट -इमरान खान

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नए साल में नई चुनौतियों के बीच भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश सहित 4 राज्यों में चुनाव होने है.अगले महीने उत्तर प्रदेश में वोटिंग होनी है .

इसी बीच राजनैतिक पार्टियों में पहले से चली आ रही राजनैतिक उठापटक बढ़ना तय है. आजादी के बाद से उत्तर प्रदेश चुनाव में मुस्लिम वोटर की बड़ी अहमियत समझी जाती रही है.

उत्तर प्रदेश में पहले से ही मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए पार्टीयां हर तरह की रणनीति अपना रही है.नतीजतन अब सभी पार्टीयां एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए हर तरह का दाव खेलने को भी तैयार बैठी है.हैदराबाद सांसद असद्उद्दीन ओवैसी बीते महीनों में उत्तर प्रदेश के कई दौरे कर चुके हैं.

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लगातार उत्तर प्रदेश में औवेसी की पार्टी की सक्रियता से सपा, बसपा और कांग्रेस को जरूर झटका लग सकता है .उत्तर प्रदेश का चुनावी बिगुल बजने के साथ ही औवेसी ने यूपी में अपनी चुनावी सभाओं का ऐलान भी कर दिया है.

औवेसी की पहली जनसभा कैराना में 13 जनवरी , दूसरी जनसभा मुरादाबाद में 14 जनवरी, तीसरी जनसभा सम्भल में 15 जनवरी और चौथी जनसभा सहारनपुर में 16 जनवरी को होनी है .

चुनावी बिगुल बजने के साथ ही औवेसी का देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में दस्तक देने से हलचल तो मची ही है साथ ही एक सवाल ये भी उठने लगा है कि क्या औवेसी तेलंगाना और महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश राज्य में अपना खाता खोल मुस्लिमों के लिए एक विकल्प के रुप में सामने नज़र आते हुए दिखाई दे रहे है.

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महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों से ये काफी हद्द तक साफ भी हो जाता है जब पार्टी ने वहा 2 सीट निकाल कर महाराष्ट्र में खाता खोला था.

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटों पर मुख्य तौर पर सपा-बसपा और कांग्रेस का दावा रहता है, पर उत्तर प्रदेश में अब असद् उद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी आने से यूपी में सियासी दलों में घबराहट पैदा कर दी है.

खासतौर पर सपा में घबराहट ज्यादा दिखाई पड़ी है इसके पीछे भी कही ना कही मुस्लिम वोट ही नजर आता है जो सपा को सत्ता पर बिठाता रहा है.

विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का सबसे अधिक रुझान सपा की ओर रहता है .इस बार ओवैसी सपा के सामने चुनौती बनकर सामने आए हैं.

सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि ओवैसी की पार्टी यूपी में जितनी मजबूत होगी उतना ही नुकसान सपा को होगा.ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि औवेसी सपा के वोटर में सेंध लगाकर कितनी सीट पर उत्तर प्रदेश में विजयी पटाका फहरा पाते है या नही फहरा पाते है.

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एआईएमआईएम पार्टी ने उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है इस लिस्ट में 11 नाम हैं जो कि सभी अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं.

ऐसे में वह सपा,बसपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं इन 11 मौजूदा विधायको में से केवल 6 अल्पसंख्यक समुदाय से है. जहा से एआईएमआईएम पार्टी चुनाव लड़ रही है वहां के मौजूदा विधायक में 6 सपा के , 4 बीजेपी और 1 बसपा के विधायक है.

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