​स्वच्छ भारत अभियान का सच, वृद्ध को पीट पीट कर हाथों से मैला कराया साफ़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता अभियान की वकालत करते हैं। लगे हाथ अपने को प्रधान सेवक और देश की गरीब जनता को मालिक कहते हैं लेकिन असल जिंदगी में इसके मायने ठीक उल्टा देखने को मिलते हैं। स्वच्छता अभियान का एक गंदा वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें खुले में शौच करने वाले एक वृद्ध से न केवल मारपीट की जाती है बल्कि उसे मजबूर किया जाता है कि वो मल को अपने हाथों से साफ करे। यह वाकया मध्य प्रदेश के उज्जैन का है। उज्जैन नगर निगम के कर्मचारियों ने वृद्ध को मल साफ करने को विवश किया।
यह घटना 28 दिसंबर को सुनहरी घाट पर हुई थी। वीडियो में जो वृद्ध आदमी मल साफ करते हुए दिखाई दे रहा है, वह पड़ोसी चिन्तामण जवासिया गांव का निवासी गंगाराम है। वीडियो वायरल होने के बाद उज्जैन नगर निगम प्रशासन ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। उज्जैन नगर निगम के आयुक्त आशीष सिंह ने ईटीवी को बताया, ‘‘हमने इस मामले में एक सफाई इंस्पेक्टर सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। यह कार्रवाई हमने दो सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बाद की। इस जांच कमेटी में दो अतिरिक्त आयुक्त विशाल चौहान एवं संजय मेहता थे।’’

इससे पहले नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल हो जाने के बाद रिपोर्ट मांगी थी। सिंह ने बताया कि जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, उनमें सफाई इंस्पेक्टर मुकेश सरवन और दो सफाई कर्मचारी लक्की एवं राहुल हैं।

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