विश्वविद्यालय की लड़कियां बेशर्म हैं,हमेशा पुरुष छात्रों के साथ रहने का अवसर ढूढ़ती है-भाजपा अध्यक्ष

विश्वविद्यालय की लड़कियां बेशर्म हैं,हमेशा पुरुष छात्रों के साथ रहने का अवसर ढूढ़ती है-भाजपा अध्यक्ष

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​भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि यादवपुर विश्वविद्यालय की लड़कियां स्तरहीन और बेशर्म हैं जो हमेशा पुरुष छात्रों के साथ रहने का अवसर ढूंढ़ने में लगी रहती हैं।

घोष ने एबीवीपी और वाम झुकाव वाले छात्रों के बीच एक फिल्म के प्रदर्शन के दौरान पिछले सप्ताह हुई क्षड़प के दौरान संस्थान की छात्राओं के छेड़खानी का आरोप लगाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि छेड़खानी के आरोप निराधार हैं। यादवपुर विश्वविद्यालय की छात्राएं जो आरोप लगा रही हैं वो खुद स्तरहीन और बेशर्म हैं और वह हमेशा पुरुष छात्रों की सोहबत में रहने का अवसर ढूंढती हैं।
यादवपुर में हिंसा पर घोष ने कहा कि सबका परिसर के बाहर रैलियां करने का लोकतांत्रिक अधिकार है और भाजपा की छात्र शाखा एबीवीपी को भी ऐसा करने का अधिकार है। कथित छेड़खानी में एबीवीपी के समर्थकों की संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता ने कहा कि वे (एबीवीपी सदस्य) संख्या में सिर्फ चार थे और फिल्म प्रोजेक्शन उपकरण को पैक कर रहे थे जब छात्रसंघ पर काबिज मौजूदा वाम छात्र शाखा ने उनकी पिटाई कर दी। अब वे छेड़खानी का आरोप लगा रहे हैं। क्या यह विश्वास करने लायक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निराधार आरोप शर्मनाक हैं। यादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने घोष के बयान की निंदा की।
जेएनयू के एक छात्र ने कहा कि हम इस तरह के बयान की निंदा करते हैं और महसूस करते हैं कि नेताओं को ऐसा बयान देने से बचना चाहिए। लेकिन हम भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी से किसी बेहतर की उम्मीद नहीं करते हैं।
घोष ने इस बात की भी आशंका जताई कि अगले हफ्ते चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में हिंसा और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हम राज्य में पहले ही चुनाव बाद व्यापक हिंसा और खासतौर पर दक्षिण बंगाल में देख रहे हैं। पुलिस और प्रशासन कार्रवाई को लेकर अनिच्छुक है। जिस तरह का बदलाव उन्होंने तीसरे चरण के मतदान के बाद दिखाया था वह अस्पष्ट हो रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस और प्रशासन चुनाव के बाद किसी भी तरह की परेशानी पर नियंत्रण करने में अपना काम करेंगे लेकिन अगर वो विफल रहे तो भाजपा राज्यपाल और केंद्र की मदद मांगने को मजबूर होगी।

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