आखिर क्या वजह थी जो जयललिता के निधन की घोषणा को इतनी देर तक रोका गया

आखिर क्या वजह थी जो जयललिता के निधन की घोषणा को इतनी देर तक रोका गया

Posted by

CM जय ललिता का निधन काफी पहले ही हो चुका था, लेकिन इस वजह से नहीं की गई घोषणा लंबी बीमारी के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जय जयललिता का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे करीब 75 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टी सोमवार रात 11.30 बजे की गई। जनता जयललिता के पार्थिव शरीर का दर्शन कर सके इस लिए निधन के बाद राजाजी हॉल में जया का पार्थिव शरीर रखा गया।ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की एक सफल नेता के तौर पर पूरी दुनिया में मशहूर थी।

लेकिन जयललिता की हालत तब और भी गंभीर हो गई थी जब उन्हें रविवार शाम दिल का दौरा पड़ा। लेकिन गौर करने वाली बात है कि ठीक इससे कुछ देर पहले ही खबर आई थी कि ललिता की हालत में पहले से सुधार है और जल्द ही उन्हें छुुट्टी मिल सकती  है। यह भी पढ़ें: तमिल मीडिया के अनुसार हॉर्ट अटैक के बाद CM जयललिता का निधन, अपोलो अस्पताल का इंकार लेकिन इन सब से इतर जो खबर आ रही है उसे जानने के बाद आपको थोड़ा झटका लग सकता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तमिलनाडु की सीएम जयललिता का निधन दोपहर 2 बजे ही हो गया था, लेकिन उनकी सहयोगी शशिकला नटराजन ने जयललिता के निधन की घोषणा नहीं होने दी। गौरतलब है कि अपोलो अस्पताल में जयललिता से मिलने की इजाज़त सिर्फ शशिकला और उनके विश्वस्त अधिकारियों को ही थी। यह भी पढ़ें: जयललिता का 68 की उम्र में निधन: अंतिम दर्शन के लिए राजाजी हॉल में रखा गया पार्थिव शरीर

अब बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों जयललिता के निधन की घोषणा को इतनी देर तक रोका गया। एनडीटीवी की खबर के अनुसार, अपोलो अस्पताल में सभी विधायकों और मंत्रियों को बुलाया गया। यहां पर सभी विधायकों को एक सादे A-4 साइज के पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए दिया गया। इस पेपर पर विधायकों के नाम पहले से ही लिखे हुए थे। किसी विधायक को यह जानकारी नहीं दी गई कि ये सादे पेपर पर हस्ताक्षर का क्या इस्तेमाल किया जाएगा। सभी विधायकों से एक रजिस्टर पर भी दस्तखत करवाए गए जिससे यह साफ हो जाए कि पार्टी के विधायकों की बैठक भी हुई थी। यह भी पढ़ें: जब पीएम नरेंद्र मोदी ने बचाई थी जयललिता की जिंदगी।

खबर है कि विधायकों से एक सादे पेपर पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद सभी विधायकों को शाम 6 बजे पार्टी कार्यालय पर बैठक के लिए बुलाया गया। इसके बाद दोपहर 2 बजे खबर आई कि जयललिता का निधन हो गया। इस खबर को सुनकर सब सन्न रह गए और विधायक रोने लगे।

इसके बाद जब शाम को 6 बजे विधायक बैठक के लिए पहुंचे तो पनीरसेल्वम सहित पांच वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद नहीं थे। इसी दौरान शशिकला ने AIAMDK के पांच नेताओं के बीच सत्ता हस्तानांतरण की मध्यस्थता की।

इसके बाद रात करीब 11 बजे पांचों नेता पार्टी कार्यालय पहुंचे और पार्टी चेयरमैन मधुसुधानन को एक पत्र दिया गया। जिसमें कहा गया कि ओ पन्‍नीरसेल्‍वम अगले मुख्‍यमंत्री होंगे। इसके बाद सभी मंत्रियों को बस में बिठाकर राज्यपाल के आवास पर ले जाया गया। इसके करीब 30 मिनट बाद रात 12.40 बजे जयललिता के निधन की घोषणा की गई।

Loading...