आखिर नोटबंदी का वही हश्र हुआ जैसा मनमोहन ने बताया था,जीडीपी 7.9 से गिरकर 5.7 फीसद पर पहुंची

आखिर नोटबंदी का वही हश्र हुआ जैसा मनमोहन ने बताया था,जीडीपी 7.9 से गिरकर 5.7 फीसद पर पहुंची

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नई दिल्ली-अर्थव्यवस्था पर लगातार बड़े-बड़े दावे कर रही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कलई जीडीपी के आंकड़ों ने पूरी तरह से खोलकर रख दी है. नोटबंदी और जीएसटी लागू होने से देश की जीडीपी में बड़ा गोता लगा है, तो सरकार का कहना है कि नोटबंदी का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अगर थोड़ा पीछे जाकर देखें, तो नोटबंदी लागू होने के बाद जब संसद में इस पर बहस हो रही थी तब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार पर इसको लेकर चेताया था. लगता है मनमोहन की चेतावनी सच साबित हो रही है..

नोटबंदी पर चर्चा के दौरान नंवबर 2016 में राज्यसभा में मनमोहन सिंह ने साफ कहा था कि नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है. इससे अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है, वहीं जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है. पूर्व पीएम ने सीधा वार करते हुए कहा था कि मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि वह किसी ऐसे देश का नाम बताएं, जहां लोगों ने बैंक में अपने पैसा जमा कराए हैं लेकिन वे उसे निकाल नहीं सकते.
रोज बदलते नियम आपकी विफलता
मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि करेंसी सिस्टम में लोगों का भरोसा कम हुआ है, किसानों और छोटे उद्योगपतियों को भी बड़ा नुकसान हुआ है. सरकार हर दिन नए नियम बना रही है, जो कि साफ दर्शाता है कि PMO इस फैसले को लागू करवाने में असफल रहा. पीएम ने इसके लिए 50 दिन मांगे हैं, लेकिन गरीब व्यक्ति के लिए 50 दिन दर्द झेलना आसान नहीं है.
सच हुई मनमोहन सिंह की बात
चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान देश की जीडीपी की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की गई है. जीडीपी का आंकड़ा गिरकर 5.7 फीसद पर आ गया है. वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी की रफ्तार 7.9 फीसदी थी. यानी नोटबंदी के बाद से लगातार जीडीपी में गिरावट आई है. एक साल में जीडीपी 7.9 से गिरकर 5.7 फीसद पर आ पहुंची है.
इन 4 प्वाइंट में समझिए GDP में आई गिरावट का नोटबंदी कनेक्शन!
मोदी ने दिया था ये जवाब
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मनमोहन सिंह के सवालों का जवाब भी दिया था. मोदी ने वार करते हुए कहा था कि मनमोहन सिंह जी पूर्व पीएम हैं, आदरणीय हैं. पिछले 30-35 साल से भारत के आर्थिक फैसलों के साथ उनका सीधा संबंध रहा है. आधा समय उनका ही दबदबा था, ऐसा देश में कोई नहीं रहा होगा. लेकिन हम राजनेता मनमोहन सिंह से सीख सकते हैं. मनमोहन पर कभी कोई दाग नहीं लगा. बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाना ये कला मनमोहन जी के अलावा कोई नहीं जानता.
बता दें कि केंद्र सरकार ने पुराने कर ढांचे को खत्म कर 1 जुलाई से जीएसटी लागू किया है. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए कर ढांचे और जीएसटी के प्रभावों की वजह से ही जीडीपी में लगातार गिरावट आ रही है.

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