मंदिर परिसर में विलुप्त हो रहे जीवो के अंगो की हो रही थी बिक्री,पुजारी को STF ने किया गिरफ्तार

मंदिर परिसर में विलुप्त हो रहे जीवो के अंगो की हो रही थी बिक्री,पुजारी को STF ने किया गिरफ्तार

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इंदौर-इंदौर में एक तांत्रिक धन में लाभ,वशीकरण और कई प्रकार के लाभ पहुचाने के अचूक उपायों के लिए विलुप्त हो रहे जानवरों के अंगो को ऑनलाइन बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.पुजारी का नाम लोकेश जागीरदार है राज्य की एसटीऍफ़ और वनविभाग की टीम ने विश्व प्रसिद्द खरगौन के नवग्रह मंदिर में हो रहे इस गोरखधंधे की शिकायत पर छापा मारकर पुजारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया.

पुलिस के अनुसार मंदिर परिसर में ही एक दूकान के माध्यम से पुजारी जानवरों के अंगो को बेचता था दूकान में वन्य जीवो के 26 अंग भी बरामद हुए,आरोपी पुजारी को कौर्ट में पेश किया गया जहाँ कोर्ट ने पुजारी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया.खरगोन डीएफओ एमआर बघेल ने बताया नवग्रह मंदिर के पुजारी जागीरदार को उनके मंदिर स्थित दुकान से सियार (जैकाल) व घोरपड़ (मॉनीटर लिजार्ड) के 13-13 अंगों के साथ गिरफ्तार किया है.

7 साल की सजा और 7 लाख का जुर्माना
वन अधिकारी के मुताबिक आरोपी सियार सिंगी और हत्था जोड़ी प्लांट के नाम पर डब्ल्यूडब्ल्यू डॉट नवग्रह मंदिर खरगोन वेबसाईट से ऑनलाइन कामकाज कर रहा था. वन्य जीव अपराध नियंत्रण दिल्ली की टीम ने ऑनलाइन कारोबार की निगरानी की. उसके बाद भोपाल स्थित एसटीएफ व वन विभाग की टीम को कार्रवाई के लिए भेजा.गुरुवार रात 8 बजे कार्रवाई की.

वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं में मामला दर्ज किया.आरोपी के दोषी साबित होने पर 3 से 7 साल की सजा और 5 से 7 लाख का जुर्माना हो सकता है.उधर, कोर्ट से बाहर आने के दौरान पुजारी के रिश्तेदार मीडिया के कैमरामैन के सामने आ गए.उन्हें वीडियो व फोटो भी नहीं लेने दिए.(इनपुट-भोपाल समाचार)

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