बैंक ने कहा पैसे नही ,किसान निराश होकर लगाने लगा फासी ,उसके बाद बैंक ने ये जवाब दिया

बैंक ने कहा पैसे नही ,किसान निराश होकर लगाने लगा फासी ,उसके बाद बैंक ने ये जवाब दिया

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भोपाल-घर में बेटे को टायफाइड और 13 बीघा जमीन की बोवनी करने एक किसान के पास रुपए नहीं थे। वह अपने बैंक खाते में जमा 49 हजार में से कुछ रुपए निकालने लगातार बैंक के चक्कर काट रहा था।

कई बार बैंक गया लेकिन नही मिले पैसे 

उसे बैंक से उसके पैसे तो नहीं मिले, लेकिन ताना सुनने को जरुर मिला। इससे उसे इतना धक्का लगा कि उसने बैंक में ही फांसी लगाकर जान देने का फैसला कर लिया।

किसान संतोष कुशवाह ने बताया कि फसल बेचने के बाद मिले 49 हजार रुपए उसके मध्यांचल बैंक की प्राणपुर के खाते में जमा थे।

पिछले तीन दिन बैंक की छुट्टी के बाद जब वह 13 दिसम्बर को वह जरुरत पड़ने पर पैसे निकालने बैंक पहुंचा। वह बैंक की लाइन में लगकर काउंटर तक पहुंचा तो कैशियर ने पैसा खत्म होने का बोलकर उसे अगले दिन आने को कहा।

निराश होकर किसान वापस 14 दिसम्बर को जब बैंक में पहुंचा तो बैंक ने बाहर से आए ग्रामीणों को पहले पैसा देने की बात कही।

जैसे ही फ़ासी लगाने की कोशिश की वैसे ही बैंक ने दिए पैसे 
मध्यांचल बैंक की प्राणपुर ब्रांच के मैनेजर वीके जैन का कहना है कि किसान संतोष का नंबर आने तक पैसा खत्म हो गया। जब उसने फांसी लगाने का नाटक किया तो मजबूर होकर कैशियर ने जेब से 4 हजार रुपए दिए हैं।