नोटबंदी के  बाद  500 करोड़ के नोट अमित शाह के बैंक में जमा हुए थे ?

नोटबंदी के बाद 500 करोड़ के नोट अमित शाह के बैंक में जमा हुए थे ?

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नई दिल्ली– 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद से ही देश भर में कालाधन और भ्रष्टाचार के लिए आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है। देश के कई इलाकों से लोग करोड़ों के नए नोटों के साथ लगातार पकड़े जा रहे हैं। वहीं एक खबर ने बीजेपी में भूचाल ला दिया है।

इंडिया लाइव टुडे  नाम के पोर्टल की इस न्‍यूज रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘नोटबंदी की घोषणा के तीन दिन के भीतर, अहमदाबाद के एक को-ऑपरेटिव बैंक में 500 करोड़ रुपए जमा किए गए। आश्चर्य की बात यह है कि भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह इस बैंक के निदेशक हैं। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने इस सूचना के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बैंक अहमदाबाद आश्रमम रोड पर है। 500 करोड़ की इस रकम का ज्‍यादातर हिस्‍सा नोटबंदी की घोषणा वाली रात को ही जमा किया गया।’

लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्‍या भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह किसी सहकारी बैंक के निदेशक हैं? क्‍या उनके बैंक में नोटबंदी के ऐलान के तुरंत बाद 500 करोड़ रुपए जमा कराए गए?’ ट्विटर पर ऐसे दावे कर रही एक खबर का लिंक शेयर किया जा रहा है। कुछ यूजर्स ने इस लिंक के साथ #रिश्वतखोर_PM_मोदी हैशटैग का भी इस्‍तेमाल किया है। लोगों ने पूछा है कि ‘अगर यह सच है तो अब तक कोई गिरफ्तारी क्‍यों नहीं की गई’, कुछ यूजर्स ने इस मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।

शेयर हो रही रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इस को-ऑपरेटिव बैंक की 190 शाखाएं हैं। लेकिन इतनी बड़ी रकम आश्रमम रोड स्थित हेडऑफिस में ही जमा की गई है। 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद बैंक में भारी रकम जमा हुई। बैंक के ज्‍यादातर ग्राहक छोटे दुकानदार और किसान हैं। इससे शक और पुख्‍ता हो जाता है कि 500 करोड़ रुपए जितनी बड़ी रकम इस बैंक में कहां से जमा हुई। आयकर विभाग बैंक से मिली सीसीटीवी फुटेज को वेरिफाई कर रहा है। गुजरात के विभिन्‍न सहकारी बैंकों में ऐसे गैरकानूनी रकम जमा की गई है’

खबर में दावा किया गया है, ”अब यह साफ हो चला है कि गुजरात में सहकारी बैंकों के जरिए भाजपा अपना काला धन बदल रही है, जो कि सीधे उसके नियंत्रण में हैं। जबकि केरल के सहकारी बैंकों को खत्‍म करने में भी भाजपा लगी हुई है। आरबीआई के निर्देशानुसार, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय गुजरात के संदिग्ध सहकारी बैंकों की जांच कर रहे हैं।”

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अमित शाह पर आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से कहा कि केंद्र सरकार, अमित शाह और अन्य लोगों पर रेड्स की कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं, जो सीधे तौर पर कालाधन जमा करने में जुटे हैं।

साभार -नेशनल दस्तक

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