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गुजरात के डीजीपी ने इशरत जहाँ एनकाउंटर केस से खुद को बरी करने की गुहार लगाईं

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अहमदाबाद– इशरतजहां फर्जी मुठभेड प्रकरण के आरोपी गुजरात के प्रभारी पुलिस महानिदेशक (इंचार्ज डीजीपी) पीपी पांडेय ने इस मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत से उन्हे बरी करने की मांग की है। इस संबंध में उनकी अर्जी (डिस्चार्ज पिटिशन) पर 12 जनवरी को सुनवाई होने की संभावना है।

15 जून 2004 को इशरत सहित चार लोगों को अहमदाबाद के बाहरी इलाके में पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस के दावे के अनुसार वे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने आए थे।

नौ साल बाद सीबीआइ ने 3जून 2013 को पहला आरोप पत्र दायर किया और इस मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए पी पी पांडेय, के अलावा डीजी वंजारा, आइपीएस जीएल सिंघल, तरुण बारोट, एनके अमीन और तीन अन्य पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया था।

अन्य आरोपियों के साथ जेल में रहे श्री पांडेय को सीबीआई अदालत ने ही पिछले साल जमानत पर रिहा कर दिया था। उसके बाद उन्हें सेवा में बहाल करते हुए पदोन्नति दी गयी थी।

उन्होंने अब सीबीआई अदालत से उन्हें इस मामले से बरी करने की गुहार लगाते हुए दी गई अर्जी में कहा है कि इसके गवाहों ने भी इस मामले में उनकी संलिप्तता और भूमिका की बात नहीं कही है। उन्होंने इस मामले में सुनवाई में देरी के मुद्दे को भी अपनी अर्जी में उठाया है।

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