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BJP और RSS कभी नहीं बनायेंगे राममंदिर,सरकार में आते ही ये भी सेक्युलर बन जाते है

by Editor

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वाराणसी

विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी फैसला पूरी तरह से विफल हो गई है।

क्योकि नोटबंदी से न तो आतंकवाद रुका न भ्रष्टाचार ख़त्म हुआ। ये बात शंकराचार्य ने वाराणसी में कही पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही, वो बुधवार को सोनारपुरा क्षेत्र में स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि पीएम के एक फैसले ने 8 नवबर को आधी रात के बाद 500 और 1000 के नोट को कागज का टुकड़ा बना दिया है। किसी भी चीज के परिणाम से फैसला अच्छे बुरे का होता है और देखा जाए तो नोटबंदी जिस मकसद से किया गया था वो पूरा नहीं हुआ।

‘कोई सरकार नहीं बना सकती राममंदिर’

वहीं अयोध्या में राम मंदिर के सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर कोई सरकार नहीं बना सकती है, क्योंकि कोई भी सरकार बनाने के बाद धर्मनिरपेक्ष हो जाती है और धर्मनिरपेक्ष सरकार मंदिर कैसे बना सकती है।

‘आरएसएस धार्मिक नहीं सामाजिक संस्था है’

यही नहीं आरएसएस भी राम मंदिर नहीं बना सकती है, क्योंकि वो धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक संस्था है लेकिन मंदिर वहां बनना चाहिए। आरएसएस के लोग आदर्श राम का मंदिर बनाने की बात कर रहे है जबकि सनातन धर्मियो की इक्षा है कि वह राम लल्ला का मंदिर बने और अभी जो अदालत का फैसला आया है। उसमें राम लल्ला के पक्ष में आया है तो राम लल्ला का ही मंदिर बनना चाहिए।

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