यूपी इलेक्शन-लखनऊ की 8 असेंबली सीट में से 5 पर सपा और  2 पर बीजेपी मजबूत,एक पर अन्य

यूपी इलेक्शन-लखनऊ की 8 असेंबली सीट में से 5 पर सपा और 2 पर बीजेपी मजबूत,एक पर अन्य

Posted by

लखनऊ
रिपोर्ट -प्रवेश गुप्ता और महताब खान 

लखनऊ जिले की विधानसभा सीटो पर 1989 तक कांग्रेस का वर्चस्व रहा लेकिन उसके बाद बीजेपी ने यहाँपर जड़े जमाई और हर चुनाव में जिले में सबसे ज्यादा सीट जीतने में सफल रही .पिछले चुनाव में यानि २०१२ में अखिलेश की यहाँ ऐसी आंधी चली थी कि भाजपा के सिर्फ एक उम्मीदवार कलराज मिश्र जी चुनाव जीत पाए .

विधानसभा चुनाव में इन विधानसभा सीट्स पर कौन सी पार्टी जीत रही है का अवलोकन किया जाए तो लखनऊ में सपा और बीजेपी ही अधिकतर सीट्स में मुकाबले में है वही कांग्रेस इस बार किसी भी सीट्स पर कोई चुनौती नही दे पा रही है .
पिछली बार सपा ने ८ में से ६ जीती थी  बीजेपी और कांग्रेस को एक एक सीट मिली थी .

लखनऊ पूर्व विधान सभा की जाए तो यहाँ पर एक बार फिर बीजेपी चुनाव जीतती दिख रही है वैसे तो इस सीट पर मुस्लिम ठीक ठाक है और उनकी कुल तादात बीस परसेंट से थोडा कम है लेकिन मुस्लिम को छोड़कर बीजेपी का इस सीट में सभी समुदाय में पकड़ है इस सीट में यादव मतदाता कम है वही दलित की आबादी 14 फीसद है लेकिन यहाँ पर दलित बसपा के पक्ष में लामबंद नही होता है

इसलिए लखनऊ पूर्व में दलित मुस्लिम का समीकरण भी कभी नही बन सका और बीजेपी यहाँ बराबर जीतती रही है 2014 के उपचुनाव में ज़रूर सपा की जूही सिंह ने बीजेपी आशुतोष टंडन का कड़ा मुकाबला दिया था.इस बार भी आशुतोष टंडन की जीत लगभग तय है .

लखनऊ पश्चिम विधानसभा ऐसी सीट है जहाँ पर परसीमन के बाद मुस्लिम मतदाताओ की आबादी 28 फीसद तक हो गयी है इसी वज़ह से 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर समाजवादी पार्टी के मोहम्मद रेहान ने जीत दर्ज कर बड़ा उलटफेर कर दिया था .इस बार भी सपा के मोहम्मद रेहान की स्थिति मजबूत है मुकाबले सपा और बीजेपी के बीच होना तय है पिछली बार इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने भी अच्छी फाइट दी थी

लेकिन इस बार कांग्रेस चुनावी परिदृश्य से गायब है बसपा भी कमज़ोर है .अगर समीकरण की बात की जाए तो यहाँ सपा के लिए (मुस्लिम +यादव+ अखिलेश के विकास का दावा ) है वही बीजेपी के लिए अपर कास्ट का लामबंद मतदान है .

लखनऊ उत्तर विधानसभा  पर आईआईएम प्रोफ़ेसर और अखिलेश के ख़ास प्रोटोकॉल मंत्री अभिषेक मिश्रा चुनाव विधायक है और इस बार फिर मैदान में है उन्हें बीजेपी से नीरज बोरा एक मजबूत चुनौती दे रहे है .इस सीट्स पर मुस्लिम मतदाता करीब तीस फीसद है सपा को मुस्लिम मतो का सहारा है वही विधानसभा के कई मोहल्लो में अभिषेक मिश्र ने काफी विकास करवाया इसका फायदा भी सपा को मिल रहा है ब्राह्मण मतों में भी मिश्रा को एक हिस्सा मिलता हुआ दिख रहा है .

नीरज बोरा सीधे मुकाबले में सपा को हराते हुए नही दिख रहे है बीजेपी की जीत सिर्फ मुस्लिम मतो के बटवारे से आसान हो सकती है फिलहाल यहाँ पर सपा और बीजेपी की सीधी फाइट है कांग्रेस और बसपा यहाँ पर भी लड़ाई से बाहर है .

लखनऊ सेंट्रल– विधानसभा सीट पर भी सपा ने पिछली बार झंडा गाड़ा था सपा के रविदास मेहरोत्रा ने सभी समीकरण ध्वस्त कर बीजेपी के विद्या सागर गुप्ता को पटकनी देकर हैरान कर दिया था.इस सीट पर मुस्लिम मतदाता अच्छे खासे है लेकिन मुस्लिम मतों का यहाँ हमेश बटवारा होता रहा है

मुस्लिम समुदाय के शिया वर्ग का काफी वोट बीजेपी में पड़ता रहा है हलाकि पिछले चुनाव में शिया मतदाता बीजेपी से काफी हद तक कट गये थे इसी वज़ह से बीजेपी को इस विधानसभा में मुह की खानी पड़ी थी.
सपा के लिए इस सीट को सुरक्षित नही कहा जा सकता है लेकीन बीजेपी के लिए यहाँ चुनाव जीतना भी आसान नही है इस सीट पर सपा या बीजेपी कोई भी जीत दर्ज कर सकता है .

लखनऊ कैंट –इस विधान सभा से सपा ने मुलायम सिंह की पुत्रवधू अपर्णा यादव को मैदान में उतारा है वही बीजेपी से रीता बहुगुणा जोशी के मैदान में होने का एलान नही हुआ है रीता बहुगुणा कांग्रेस छोड़ के बीजेपी में आई है लेकिन बीजेपी में चर्चा ऐसी है कि बीजेपी उन्हें यहाँ से टिकट नही देकर प्रतापगढ़ की रामपुर खास से चुनाव लडाना चाह रही है .

अगर बीजेपी ने रीता बहुगुणा जोशी को इस सीट से हटाया तो सपा के लिए ये वाकोवर माना जायेगा .अगर रीता बीजेपी से लखनऊ कैंट का टिकट पाने में सफल होती है तो फिर अपर्णा के लिए कड़ी चुनौती मिलना तय है इस लिए इस सीट पर कौन जीतेगा का कहना मुश्किल है हा ये ज़रूर है कि बसपा और कांग्रेस इस विधानसभा में भी चुनावी परिदृश्य से गायब है .

सरोजनी नगर –ये विधानसभा सीट ऐसी है जहाँ बीजेपी कभी भी मुकाबले में नही आ सकी इस सीट पर सपा और बसपा का मुकाबला होता है पिछली बार सपा के शारदा प्रताप शुक्ल ने दो बार से लगातार जीत रहे बसपा के मोहम्मद इरशाद को हरा दिया था इस बार भी सपा यहाँ मजबूत है सपा के लिए सीट पर विकास कार्य वरदान साबित हो रहा है विकास के मुद्दे पर बसपा का मजबूत वोटबैंक दलित में भी सपा ने सेंध मारी है.

बक्शी का तालाब-इस विधानसभा सीट में यादव मतदाता काफी अधिक है यादव मतदाताओ की यहाँ पर 23 पर्तिशत सख्या है वही मुस्लिम की तादात यहाँ पर 19 पर्तिशत है दलित मतदाता 17 फीसद है .

सपा लहर में भी सपा के गोमती यादव को बसपा के नकुल दुबे को बेहद कड़े मुकाबले में हरा पाए थे .यहाँ पर यादव मतदाता इस बार सपा के लिए एकमुश्त है मुस्लिम मतों में भी सपा की मजबूत पकड दिख रही है इसलिए नकुल दुबे को दलित ,ब्राह्मण के अलावा अन्य मतदाताओ के मत की ज़रूरत के साथ मुस्लिम मतो को अपने पाले में लाना होगा.

नकुल दुबे की मुश्किल है कि ब्राह्मण इस बार बसपा से दूर दिख रहे है इसलिए इस बार गोमती यादव
की राहें आसान  है .

मोहनलालगंज (सुरक्षित)-इस विधान सभा में पासी मतदाता काफी अधिक है यहाँ पर आरके चौधरी का व्यक्तिगत वोट है लेकिन पिछली बार सपा की लहर में वो चंद्रा रावत से हार गये थे इस बार आर के चौधरी का निर्दलीय जीतना तय है .

लखनऊ में बीजेपी की सीट एक से बढकर दो मिलती दिख रही है वही सपा को एक सीट का नुक्सान है सपा को पांच seet मिल सकती है वही मोहनलालगंज निर्दलीय के रूप में आर के चौधरी को मिलती दिख रही है

Loading...
Loading...