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तेज़ बहादुर के बाद एक और जवान ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए विडियो पोस्ट किया

by Editor

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जीत सिंह नाम के जवान ने वीडियो के जरिए अपनी पीड़ा व्‍यक्‍त करते हुए कहा है कि वह सीआरपीएफ में कार्यरत है। उसने बताया कि सीआरपीएफ के जवान देश में विषम परिस्‍थितयों में अपनी ड्यूटी देते हैं.

लोकसभा चुनावों से लेकर ग्राम पंचायत के चुनाव में सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया जाता है. उसने कहा कि कश्‍मीर से लेकर छत्‍तीसढ़ के जंगलों, वीवीआईपी-वीआईपी सिक्‍युरिटी, एयरपोर्ट, मंदिर-मस्‍जिद और बाजारों में भी सीआरपीएफ के जवान अपनी सेवा देते हैं बावजूद इसके उन्‍हें दी जाने वाली सुविधाएं नाकाफी हैं.

पीएम मोदी से लगाई है गुहार

वायरल हुए इस नए वीडियो में जीत सिंह ने सरकार से मांग की है कि सीआरपीएफ के जवानों के साथ भेदभाव बंद किया जाए। उसने मांग की है कि सेना के जवानों की तरह ही सीआरपीएफ के जवानों को भी पेंशन सुविधा, मेडिकल सुविधा, कैंटीन की सुविधा प्रदान की जाए. जीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का ध्‍यान अपनी मांगों की तरफ आकृष्‍ट किया है.

वीडियो में सीआरपीएफ जवान ने यह भी कहा कि जहां एक तरफ देश में शिक्षकों के लिए अच्‍छी तनख्‍वाह के साथ-साथ परिवार के साथ पर्व-त्‍यौहार मनाने के लिए छुट्टियों की सुविधाएं मिलती हैं वहीं सीआरपीएफ जवानों के साथ भेदभाव क्‍यों अपनाया जाता है. जवान ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों को मिलने वाली सुविधाओं में अंतर को भी बताया है.

(नोट-HEADLINE24 विडियो की सत्यता की पुष्ठी नही करता है )

इससे पहले सेना का जवान तेज़ बहादुर यादव ने विडियो शेयर कर खराब भोज़न का मामला उठाया 
रविवार (नौ जनवरी) को बीएसएफ के कांस्टेबल तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर कई वीडियो शेयर करके सैनिकों को खराब खाना दिए जाने का खुलासा किया . अब  तक इस वीडियो को कई लाख लोग  देख चुके हैं.

साथ ही चार लाख कई  हजार से ज्यादा लोग फेसबुक पर इसे शेयर कर चुके हैं. तेज बहादुर ने फेसबुक पर तीन और वीडियो शेयर किए हैं. इन वीडियो में जली रोटी, पानी वाली दाल को दिखाया गया है. होम मिनिस्टर  राजनाथ सिंह ने मामले की जांच का आदेश दे दिया.

बीएसएफ का दावा गलत बोल रहा है जवान -बीएसएफ ने मामले पर सफायी देते हुए खराब दिए जाने से इनकार किया.लेकिन पूरे मामले में भावनाओं में बहकर इस बात की अनदेखी की जा रही है कि यादव ने अपनी सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है.

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42 वर्षीय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले हैं.वो 1996 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे.उन्हें जम्मू-कश्मीर स्थित राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट तैनात किया गया था. वीडियो में यादव ने आरोप लगाया है कि सैनिकों को पिछले 10 दिनों से लगातार जली हुई रोटी और पानी मिली हुई दाल खाने में दी जा रही है. यादव ने आरोप लगाया कि कई बार जवानों को भूखा भी रहना होता है.यादव 2032 में रिटायर होने वाले हैं लेकिन उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की अर्जी दी है.माना जा रहा है कि वीआरएस स्वीकार किए जाने पर इसी महीने के अंत तक उन्हें सेवा मुक्त किया जा सकता है.

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संवेदनशील क्षेत्र में तैनात यादव ने वीडियो पोस्ट करके सुरक्षा बलों पर लागू होने वाली सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है.सैन्य बल और अर्ध सैनिक बल की सेवा शर्तें काफी कड़ी होती हैं. इन सेवा शर्तों के अनुसार सुरक्षा बलों के ऊपर से नीचे के पद के अधिकारियों पर अपने विचार सार्वजनिक करने पर रोक होती है, खासकर संवेदनशील मुद्दों पर. यादव द्वारा अपनी दिक्कत को इस तरह फेसबुक पर शेयर करने और उसके वायरल होने से दूसरे सैन्य बलों को भी ऐसा करने की प्रेरणा मिल सकती है.

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