स्लाटर हाउस ने नर्क बना दिया था, योगी ने बैन करके सही किया- मोहम्मद जाहिद

स्लाटर हाउस ने नर्क बना दिया था, योगी ने बैन करके सही किया- मोहम्मद जाहिद

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योगी सरकार ने कामकाज सँभालते हुए ही अवैध स्लाटर हाउस पर सख्ती शुरू कर दी है इस फैसले पर सोसल मीडिया एक्टिविस्ट मोहम्मद जाहिद ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर इस फैसले का स्वागत किया है.

मोहमम्द जाहिद ने लिखा

योगी आदित्य नाथ की सरकार बनने के 48 घंटे के अंदर के उनके कार्य काल की सराहना करता हूँ , इसके बाद भी कि उनसे तिव्र वैचारिक मतभेद हैं। पर यहाँ मामला शासन व्यवस्था का है।

लेखक -मोहमम्द जाहिद

 

सरकार को ऐसे ही धमक से काम करना चाहिए कि सोशलमीडिया हो या समाज और सिस्टम में मौजूद लोग गलत करने से डरें।कुछ दोस्त “स्लाटर हाऊस” बंद होने का रोना रो रहे हैं , समझ लीजिये कि स्लाटर हाऊस क्युँ सील हुए।

एक मोटरसाइकिल भी सड़क पर चलाईए तो कागज़ में आरसी , इंश्योरेंस , ड्राईविंग लाईसेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र रखना होता है नहीं तो चालान हो जाता है।

यह सब बूचड़खाने “सरकारी मानक” के पूरा करने के बिना चल रहे थे , तमाम के तो लाईसेंस नहीं थे। बाप का राज था।

एक बूचड़ खाना मेरे क्षेत्र में भी था जो इलाहाबाद का सबसे बड़ा बूचड़खाना है , उस जगह के चारों और घनी बस्ती है और बूचड़खाने में इतनी गंदगी कि ऐसी दुर्गन्ध आती है जिससे आधा किमी तक लोगों का रहना मुश्किल है।

गर्मी में यह दुर्गन्ध और बुरी होती है , बूचड़खाने का मलवा खुले ट्रेक्टर पर 2 किमी दूर घनी आबादी और मेन रोड पर चलकर जाता है और उसमें दुर्गन्ध इतनी कि 10 मिनट तक साँस लेना मुश्किल होता है।

बूचड़खानों के लाईसेंस लेने की कुछ शर्त और बाध्यता होती हैं , नियम होते हैं , मानक होते हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए था जो अखिलेश के राज्य में बाप की गोर्वमेन्ट समझ कर नहीं किया जाता था।

आसपास का पूरा क्षेत्र नरक बना रहता था।बूचड़खाने के आसपास रहने वालों से पूछिए ? तमाम बिमारियों के नाम बता देंगे जो उनके घर वालों को हुई।

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