बाबरी को गिराने के लिए भगवा बिग्रेड की ‘कारसेवा’ और आतंकवादियों के ‘ज़ेहाद’ में क्या फर्क है ?

बाबरी को गिराने के लिए भगवा बिग्रेड की ‘कारसेवा’ और आतंकवादियों के ‘ज़ेहाद’ में क्या फर्क है ?

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अक्सर जेहाद पर बहस होती रहती है इसके लिए मुस्लिम भी सफाई देते रहते है मुस्लिमो का तर्क है जेहाद एक नेकसोच और अमल है जिसको अपने हक की लड़ाई के लिए उपयोग किया जाने का इतिहास है और आज भी इसी मकसद के लिए उपयोग होना चाहिए हलाकि मुस्लिम भी इस बात का मान लेते है कि जेहाद को आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया है .

मुस्लिमो की सफाई और आतंकवाद के खिलाफ फतवों को भी काफी लोग पर्याप्त नही मानते है उनका अपना तर्क है आखिर कैसे मुस्लिम समाज के लोग आतंकवादियों से परभावित हो जाते है आतंकवादियों द्वारा कुरान और हदीस की गलत जानकारी पर मुस्लिम युवा क्यों आकर्षित हो रहे है ?


आखिर कारसेवा शब्द का क्या मतलब है


आज 6 दिसम्बर है आज के दिन 1992 में बाबरी मस्जिद को भगवा संघठनो ने गिरा दिया था मजे की बात है इस दिन को भगवा बिग्रेड शौर्य दिवस के रूप में हर साल मनाता है और गिराने के लिए अंजाम देने की योजना को कारसेवा कह के पुकारता है सबसे बड़ी हैरानी की बात है मेंनस्ट्रीम मीडिया भी संविधान विरोधी कृत्य को कारसेवा कहकर पुकारता है .

कारसेवा संस्कृत का शब्द है जिसका मतलब होता है सेवा करना ,हिन्दू धर्म में समाजसेवी धार्मिक कार्य को कारसेवा कहा जाता है .इतना ही नही कारसेवा शब्द सिख धर्म ग्रंथों में कई स्थान पर आया है। बताया जाता है कि यह सिख धर्म की ही शिक्षा है। उधमसिंह ने जलियावालाबाग के दौरान कार सेवा की थी। स्वर्ण मंदिर का निर्माण भी कार सेवा से ही हुआ था।


 

6 दिसंबर की कारसेवा और आतंकवादियों के जेहाद में फर्क कैसे किया जाए ?

 

जिस प्रकार तालिबान ने महात्मा बुद्द की बामियान में मूर्ति तोड़ी क्या उसी प्रकार ही बाबरी मस्जिद को तोडा गया है ?आखिर फर्क क्या है क्या यूपी सरकार और भगवा सघठनो ने कोर्ट में एफिडेविट देकर भरोसा नही दिया था कि बाबरी को किसी प्रकार नुक्सान नही पहुचाया जायेगा .

लेखक -इमरोज़ खान

लेखक -इमरोज़ खान

हाईकोर्ट में विचारधीन बाबरी -राम मंदिर भूमि विवाद पर तब तक कोई फैसला नही आया था क्या भगवा ब्रिग्रेड ने न्यायलय को खुला उल्लंघन नही किया था ये अलग बात है.

भारत की न्यायपालिका बाबरी को गिराने वालो पर कार्यवाही करने में असफल हुआ जबकि बाबरी गिराने के लिए भीड़ को उकसाने वाले विडियो तक मौजूद थे कार्यवाई के रूप में तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह को मात्र एक दिन की सांकेतिक सज़ा देकर मामला रहा दफा कर दिया गया ,दुःख की बात ऐसा व्यक्ति इस समय भारत के एक सूबे का गवर्नर है .

क्या बाबरी मस्जिद गिराने की उत्तेजक कार्यवाही करने अंजाम देने के बाद देशभर में दंगो में हजारो लोगो की मौत नही हुयी थी अगर इन मौतों का कोई ज़िम्मेदार है तो वो सिर्फ भगवा ब्रिग्रेड है क्युकी दंगे तो बाबरी को गिराने से हुए थे अब ऐसे में आतंकवादियों के जेहाद और भगवा कारसेवा फर्क कैसे किया जाए ?.

इस प्रकार भगवा ब्रिग्रेड के 6 दिसम्बर के कृत्य को कारसेवा कहना बिलकुल उचित नही होगा ,कारसेवा एक पवित्र शब्द है जोकि धर्म और समाज के हित के लिए किया जाता रहा है.

इमरोज़ खान 

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