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जानिये दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली दस भाषाएं

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हर देश की पहचान में एक सबसे एहम पहचान भाषा की भी होती है. हमारे देश में भी कई भाषाएँ प्रचलित हैं जिनमें से 22 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है. दुनिया की बात करें तो भाषाएँ अनगिनत हैं लेकिन इनमें से कुछ भाषाएं ऐसी हैं जो अधिक प्रचलित हैं. आज हम आप लोगों को दुनिया की दस सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषाओँ के बारे में बताते हैं..

1. मंदारिन/चीनी

मंदारिन को दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली मूल भाषा के रूप में जाना जाता है. मंदारिन चीनी भाषाओं का एक समूह है जिसके तक़रीबन 95 करोड़ से अधिक बोलने वाले हैं. चीनी भाषा संयुक्त राष्ट्र की छ भाषाओं में शामिल है. इसके बोलने वाले मुख्यता चीन में ही हैं.

2. स्पेनिश

स्पेनिश भाषा दुनिया की दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली मूल भाषा है. स्पेन देश से शुरू हुई इस भाषा को केस्टेलियन के नाम से भी जाना जाता है. ये संयुक्त राष्ट्र की 6 भाषाओं में शामिल है. स्पेनिश के साथ एक और ख़ास बात जुडी है वो ये है कि यूरोप में सिर्फ़ स्पेन ही ऐसा देश है जहां इसको राज्य की भाषा का दर्जा प्राप्त है इसके अतिरित्क इसके बोलने वाले लैटिन अमेरिका में हैं जहां ये कई देशों में राज्य की भाषा है. इनमें अर्जेंटीना और मेक्सिको के नाम भी शामिल हैं. इसके सबसे अधिक बोलने वाले भी मेक्सिको में हैं जहां ये 11 करोड़ लोगों की भाषा है. दुनिया भर में इस भाषा के 40 करोड़ से ज़्यादा बोलने वाले हैं.

3. इंग्लिश

आज के दौर की सबसे मशहूर भाषा के तौर पर अंग्रेज़ी को ही जाना जाता है, इसे दुनिया की ग्लोबल भाषा का दर्जा प्राप्त है. संयुक्त राष्ट्र की छ भाषाओं में इसका भी नाम है. इसके बोलने वाले यूं तो अधिक हैं लेकिन मूल भाषा के तौर पर इसे तक़रीबन 36 करोड़ लोग बोलते हैं. ये किसी और भाषा से अधिक 60 देशों में राज्य की भाषा है. इस भाषा के विस्तार का प्रमुख कारण ब्रिटिश साम्राज्य और उसके बाद अमरीका का उदय माना जाता है. ये दुनिया की सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली सहायक भाषा है.

4. हिंदी

उत्तर और मध्य भारत में बोली जाने वाली ये भाषा भी अत्यधिक प्रचलित है.हिंदी बोलने वालों की संख्या 31 करोड़ मानी जाती है. इसमें उर्दू, हरयाणवी, भोजपुरी और मिलती जुलती भाषाओं को शामिल नहीं किया गया है. भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में हिंदी को भी स्थान प्राप्त है. ये भारत की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. उर्दू और हिंदी भाषाओँ को मिला कर हिन्दुस्तानी नाम की एक बोली प्रचलित है जो भारत और पाकिस्तान दोनों जगह बोली जाती है लेकिन भारत में देवनागरी लिपि का प्रयोग अधिक होता है जबकि पाकिस्तान में इसे फ़ारसी लिपि में लिखा जाता है.

5.अरबी

मुख्यता पश्चिम एशिया में बोली जाने वाली अरबी के बोलने वालों की संख्या 29 करोड़ मानी जाती है. मुसलामानों के धार्मिक ग्रन्थ पवित्र क़ुरान की भी भाषा अरबी ही है. इसको संयुक्त राष्ट्र की छ भाषाओँ में स्थान दिया गया है. अरबी ज़बान का प्रभाव कई भाषाओं पर पड़ा है इसमें भारतीय भाषाएं जैसे उर्दू और हिंदी भी शामिल हैं. ये 28 देशों में राजकीय भाषा है.

6. पुर्तगाली

25 करोड़ से ज़्यादा लोगों द्वारा बोली जाने वाली पुर्तगाली दक्षिणी अमरीका के सबसे बड़े देश ब्राज़ील की प्रमुख भाषा है. ये नौ देशों में राजकीय भाषा है जिसमें अंगोला, पुर्तगाल,और ब्राज़ील जैसे देश शामिल हैं.

7. बंगाली

दक्षिणी एशिया में बोली जाने वाली बंगाली बंगलादेश और भारत के पूर्वी राज्यों की भाषा है. बंगाली साहित्य समूचे दक्षिश एशिया में मशहूर है. भारत में ये दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है जबकि बांग्लादेश में ये सबसे अधिक बोली जाती है. दुनिया भर में कुल 21 करोड़ लोग बंगाली बोलते हैं. भारत में ये 22 में से एक राजकीय भाषा है जबकि बांग्लादेश में भी इसे राजकीय भाषा का स्थान मिला हुआ है.

8.रूसी

दुनिया के सबसे बड़े मुल्क रूस की भाषा को बोलने वालों की संख्या तक़रीबन 16 करोड़ है. ये संयुक्त राष्ट्र की 6 भाषाओं में शामिल है.

9. जापानी

जापान की राष्ट्रीय भाषा जापानी के बोलने वाले अधिकतर जापान ही में हैं. इसके बोलने वालों की संख्या तक़रीबन 12 करोड़ 50 लाख है.

10. पंजाबी

भारत और पाकिस्तान में इस भाषा को बोलने वालों की अच्छी ख़ासी संख्या है. पंजाब क्षेत्र में बोली जाने वाली इस भाषा को गुरुमुखी और शाहमुखी लिपियों में लिखा जाता है. भारत में गुरुमुखी प्रचलित है जबकि पाकिस्तान में शाहमुखी. भारत और पाकिस्तान के इलावा भी कई देशों में पंजाबी बोली जाती है. तक़रीबन साढ़े 9 करोड़ लोग पंजाबी बोलते हैं.

रिपोर्ट: अरगवान रब्बही

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